बागपत
सत्संग ही सच्चा तीर्थ, बेटियां संस्कारित होंगी तो समाज सुरक्षित रहेगा : रवि शास्त्री

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत/शेरपुर लुहारा। आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत द्वारा जून माह में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल, बड़ौत में आयोजित होने वाले आवासीय संस्कार शिविर की तैयारी के क्रम में जागृति पब्लिक स्कूल, शेरपुर लुहारा में एक दिवसीय संस्कार कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्राओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर जिला सभा के मंत्री रवि शास्त्री ने बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सत्संग ही सच्चा तीर्थ है।” उन्होंने कहा कि ज्ञान की गंगा में स्नान कर मनुष्य अपने जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बेटियों को समाज की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि एक संस्कारित बेटी दो परिवारों को दिशा देने की क्षमता रखती है। शास्त्रों में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और संस्कारित नारी ही एक श्रेष्ठ समाज एवं सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।
रवि शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ रही अश्लीलता, नैतिक पतन और पश्चिमी प्रभाव को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय बेटियों को भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान और संस्कारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब बेटियां अपने संस्कारों और परंपराओं को समझेंगी, तभी समाज में बढ़ रही सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
उन्होंने आर्य समाज की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आर्य समाज पिछले 152 वर्षों से समाज सुधार, शिक्षा, संस्कार और कुरीतियों के उन्मूलन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी समाज दहेज प्रथा, मृत्यु भोज, विवाह समारोहों में अश्लील गीतों और युवाओं में बढ़ती शराब जैसी बुरी आदतों से जूझ रहा है, जो सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही हैं। इन बुराइयों के खिलाफ सामूहिक जागरूकता और संस्कार आधारित शिक्षा की आवश्यकता है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि यदि समाज को सुरक्षित, सभ्य और संस्कारित बनाना है तो सभी को मिलकर सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए आगे आना होगा। इस दौरान आर्य समाज आदर्श नगला, आर्य समाज सिनौली, शबगा सहित विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को संस्कार शिविर से जोड़ने का भी आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार और समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से प्रधानाचार्य विनोद सरोहा, मा. भोपाल आर्य, धर्मपाल त्यागी, सुधीर पवार, राखी, बबीता, अंशु, कपिल आर्य सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर संस्कार अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
यह कार्यशाला न केवल बेटियों को संस्कारित करने का संदेश दे गई, बल्कि समाज को यह भी याद दिला गई कि सशक्त राष्ट्र की नींव संस्कारवान परिवारों से ही रखी जाती है।


