गोड्डा

महुआटांड में पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पोड़ैयाहाट। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महुआटांड में पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। यज्ञ का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और गायत्री महामंत्र की गूंज के साथ हुआ। सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में गांव-टोले के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की। गायत्री परिवार पोड़ैयाहाट की ओर से पहुंची रश्मि निकिता, पुष्पा कुमारी, प्रियंका, कंचन देवी, रेनू देवी आदि महिला कार्यकर्ताओं ने यज्ञ का संचालन किया। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को गायत्री महायज्ञ के वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। रश्मि निकिता ने कहा कि गायत्री यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं है, बल्कि यह वातावरण शुद्धि, मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र है। नियमित गायत्री जाप से बुद्धि निर्मल होती है और समाज में सद्भाव बढ़ता है। पुष्पा कुमारी ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे घर-घर में गायत्री मंत्र की स्थापना करें ताकि आने वाली पीढ़ी संस्कारवान बने। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव पहुंचे। उन्होंने यज्ञशाला की परिक्रमा कर आहुति दी और ग्रामीणों को संबोधित किया। विधायक ने कहा, “गायत्री महायज्ञ से मेरा शुरू से ही भावनात्मक लगाव रहा है। यह यज्ञ व्यक्ति के साथ-साथ पूरे समाज को जोड़ता है। महुआटांड के लोगों ने आज जो एकता दिखाई है, वह पूरे प्रखंड के लिए मिसाल है।” उन्होंने आयोजन समिति को बधाई दी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। यज्ञ को सफल बनाने में गांव के समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रामदीवश ठाकुर, मोहन ठाकुर, बिनोद भगत, मुन्ना भगत, अनंत भगत, रवि कुमार, दीपक कुमार, विनोद कुमार, बसंत, पिंटू सहित दर्जनों युवाओं ने व्यवस्था की कमान संभाली। महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे परिसर को फूल-मालाओं और ध्वज-पताकाओं से सजाया गया था। पूर्णाहुति के बाद महाआरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों बाद गांव में इतना बड़ा धार्मिक आयोजन हुआ है। इससे आपसी भाईचारा मजबूत होगा। यज्ञ स्थल पर जल, बैठने और छाया की समुचित व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति ने गायत्री परिवार पोड़ैयाहाट, विधायक प्रदीप यादव एवं सभी ग्रामवासियों का आभार जताया। समिति ने बताया कि आगे भी ऐसे संस्कारशाला और नारी जागरण शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि गांव में नैतिक मूल्यों का विकास हो। कार्यक्रम का समापन शांतिपाठ के साथ हुआ।
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