पाकुड़

संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी — बिटिधन मरांडी

Inspirational Story of Struggle to Success – Bitidhan Marandi

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। यह कहानी पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड अंतर्गत बड़कियारी गांव की रहने वाली बिटिधन मरांडी की है, जिन्होंने संघर्षों से लड़ते हुए अपने जीवन को नई दिशा दी। उनके पति स्वर्गीय सेकेन हेंब्रम का निधन हो चुका है। परिवार में उनकी एक बेटी है, जो पढ़ाई कर रही है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बिटिधन मरांडी ने हार नहीं मानी और अपने परिवार को संभालने का निरंतर प्रयास करती रहीं। बड़कियारी गांव में आजीविका के साधनों की कमी के कारण कई महिलाएं पलायन करने को मजबूर होती हैं। ऐसी स्थिति में बिटिधन मरांडी अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए बाजार एवं चौक-चौराहों पर हड़िया बेचने का कार्य करती थीं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 250 से 300 रुपये की आय हो जाती थी, लेकिन समाज में उन्हें सम्मान नहीं मिल पाता था। कई बार उन्हें अपमानजनक व्यवहार और अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ता था। इतना ही नहीं, कई लोग हड़िया पीने के बाद उधारी कर पैसा भी वापस नहीं करते थे। इन परिस्थितियों से वे मानसिक रूप से काफी परेशान थीं और सम्मानजनक जीवन जीने की इच्छा रखती थीं। इसी दौरान झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “फूलो झानो आशीर्वाद अभियान” उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई। वर्ष 2022 में JSLPS के सहयोग से उन्हें इस योजना का लाभ मिला। योजना के तहत उन्हें दो किस्तों में कुल 40 हजार रुपये की ब्याज मुक्त सहायता राशि प्रदान की गई। प्रथम किस्त के रूप में मिली 10 हजार रुपये की राशि से बिटिधन मरांडी ने अपने गांव में एक छोटी राशन दुकान की शुरुआत की। धीरे-धीरे दुकान से अच्छी आमदनी होने लगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया। बाद में दूसरी किस्त मिलने पर उन्होंने स्थानीय बाजार की मांग को समझते हुए किराना दुकान के साथ एक कॉस्मेटिक दुकान भी शुरू कर दी। यह कदम उनकी उद्यमशीलता, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की सोच को दर्शाता है। अपने इस व्यवसाय में उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों का भी पूरा सहयोग मिला, जिसने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आज बिटिधन मरांडी अपनी राशन एवं कॉस्मेटिक दुकान से प्रतिमाह लगभग 17 से 18 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। अब बिटिधन मरांडी पहले की तुलना में काफी खुश हैं और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं। वे अपनी इस सफलता का श्रेय JSLPS एवं THE/Nudge संस्था को देती हैं। आज वे अपने गांव और समाज की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

सरकारी योजनाओं का भी मिल रहा लाभ
बिटिधन मरांडी को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का भी लाभ प्राप्त हो रहा है, जिससे उनका जीवन स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी व्यक्ति कठिन परिस्थितियों से निकलकर सफलता हासिल कर सकता है।

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