बरेली
कर्तव्यों में लापरवाही, गंभीर आरोप संज्ञान में आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने करी त्वरित प्रशासनिक कार्यवाही

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बरेली : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य द्वारा पुलिस विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकरणों में संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध त्वरित प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। –
1. सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 के उल्लंघन के प्रकरण में कार्यवाही दिनांक 24.05.2026 को सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का उल्लंघन करते हुए इंस्टाग्राम आईडी si_shubh_thakur से पोस्ट किया जाना प्रकाश में आया। जांच में उक्त आईडी उप निरीक्षक ना०पु० शुभम सोम, पीएनओ-231082628, वर्तमान तैनाती थाना फरीदपुर जनपद बरेली की होना पाया गया। प्रकरण का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद बरेली द्वारा तत्काल संज्ञान लिया गया। संबंधित उप0निरी0 शुभम सोम को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन स्थानान्तरित (लाइन हाजिर) किया गया है।
2. थाना प्रेमनगर, बरेली पर तैनात उप निरीक्षक पर गंभीर आरोपों के प्रकरण में कार्यवाही- दिनांक 22.05.2026 को आवेदक राहुल शंखधार पुत्र रनेश चन्द्र शर्मा नि0 ग्राम कंकरी, थाना भमोरा, जनपद बरेली द्वारा लिखित तहरीर प्रस्तुत की गई। तहरीर में उप निरीक्षक ना०पु० शुभम चौधरी वर्तमान तैनाती थाना प्रेमनगर जनपद बरेली पर आरोप लगाए गए कि दिनांक 22.05.2026 को उप0 निरीक्षक द्वारा आवेदक को अवैध रूप से हिरासत में रखकर मारपीट की गई तथा ₹50,000/- प्राप्त कर आवेदक से सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर छोड़ा गया। संबंधित उप निरी0 शुभम चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर प्रकरण में निष्पक्ष एवं गहन प्रारंभिक जांच कराई जा रही है।
3. महिला संबंधी प्रकरण में लापरवाही पर कार्यवाही- दिनांक 21.05.2026 को आवेदिका द्वारा चौकी रिठौरा पर शादी समारोह में मोबाइल तोड़ने, छेड़खानी एवं पीछा करने संबंधी शिकायत दी गई थी। उक्त प्रकरण की जांच उप निरीक्षक ना०पु० चन्द्रपाल सिंह पीएनओ-960501438 वर्तमान नियुक्ति थाना हाफिजगंज, बरेली को सौंपी गई थी। महिला संबंधी प्रकरण में FIR दर्ज न करने एवं आवश्यक विधिक कार्यवाही में लापरवाही बरतने के कारण पीड़िता को उच्चाधिकारियों के समक्ष उपस्थित होना पड़ा। प्रकरण में प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही पाए जाने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद बरेली द्वारा उप निरीक्षक चन्द्रपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच आसन्न की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा स्पष्ट किया गया है कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, कर्तव्यों में लापरवाही, संवेदनशील मामलों में उदासीनता अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



