गोड्डा
समस्याओं को लेकर चक्कर काट रहे ग्रामीण, पहुंचे कार्यालय, सुनाई फरियाद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। सदर प्रखंड कार्यालय में आम लोगों की नहीं सुनी जाती है।
जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य कार्यों को लेकर महीनों चक्कर काटने पर विवश है।
यह मामला तब सामने आया जब, मंगलवार प्रखण्ड दिवस के अवसर पर, गोड्डा विधायक प्रतिनिधि दिनेश यादव के कार्यालय में करीब 10 से 15 महिला पुरुष अपनी अपनी विभिन्न संस्याओं को लेकर कार्यालय कक्ष पहुंचे थे। जिनमें कई लाभुक थे जो अपने पति की मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिए एक वर्ष बीत जाने पर भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिलने की बाते कही। जिनमें पांडूबाथन पंचायत के धर्मूडीह गांव निवासी कोलिया देवी है। जिनके पति का मृत्यु हुए एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिलने की बाते कही। वहीं, पांडूबाथन पंचायत के जमुआ गांव निवासी तालामय हेंब्रम के पति की मृत्यु हुए एक वर्ष से ज्यादा होने के बावजूद आज तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिलने की बाते कही। वहीं, पांडूबाथन पंचायत की मंजू देवी भी अपनी मां की मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पांच महीने से प्रखंड कार्यालय का चक्कर काटने की बाते कही। वही, कई लोग भी शामिल थे जिनका अपने पुत्र के लिए जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिलने और वृद्धा पेंशन जैसे कई मामले को लेकर विधायक प्रतिनिधि को फरियाद सुनाई गई। वहीं, पांडूबथान पंचायत के आलावा पचरुखी व निपानिया पंचायत के लाभुक भी शामिल थे। जिन्हें अपनी अपनी विभिन्न संस्याओं को लेकर महीनों से प्रखंड कार्यालय का चक्कर काटने की बाते कही है। बड़ी संख्या में लाभुक की समस्या देख, गोड्डा विधायक प्रतिनिधि ने प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी गरीब दास को अपने कार्यालय कक्ष बुलाकर जनता की समस्या को लेकर अवगत कराया। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी गरीब दास ने पांडूबथान पंचायत सेवक का तबियत खराब होने की वजह से छुट्टी पर रहने की बाते कह कही है। पंचायत सचिव आते ही सभी लाभुकों का समस्या जल्द निपटारे की बाते कही गई है।
वही, इस बीच गोड्डा विधायक प्रतिनिधि ने सभी लाभुकों को अगले शुक्रवार तक का मुहलत देकर अस्वस्थ कराकर लोगों को विदा किया। बहरहाल जो भी हो सरकार आम जनता की समस्या को लेकर, सरकार आपके द्वार की बाते करती है, वहीं दूसरी तरफ लोगों को अपनी समस्या को लेकर सरकार के द्वार महीनों चक्कर काटने पर विवश दिखाई दे रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार के आदेश का कितना पालन प्रखंड स्तर पर हो रहा है।



