गाजियाबाद
धर्म नगरी गुलाब वाटिका में शराब ठेका खोलने की चर्चा से बढ़ा विरोध, नागरिकों में रोष
मंदिरों और स्कूल के पास प्रस्तावित दुकान को लेकर नियमों की अनदेखी के आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : धर्म नगरी के रूप में पहचान रखने वाली वैश्य बहुल कॉलोनी गुलाब वाटिका में शराब का ठेका खोले जाने की चर्चाओं ने क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। कॉलोनी के लोगों ने इसे धार्मिक और सामाजिक वातावरण के लिए गंभीर खतरा बताते हुए अपना विरोध शुरू कर दिया है।
नगरपालिका परिषद के पार्षद अंकुश जैन ‘मिकू’ ने इस मामले को लेकर आबकारी अधिकारी सहित संबंधित उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर शराब ठेका खोले जाने की तैयारी की जा रही है, वह आबकारी अधिनियम और सामाजिक मर्यादाओं दोनों के विपरीत है।
पार्षद अंकुश जैन ने कहा कि गुलाब वाटिका वर्षों से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जानी जाती है। यहां बड़ी संख्या में धार्मिक परिवार निवास करते हैं तथा क्षेत्र में नियमित रूप से धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। ऐसे माहौल में शराब की बिक्री शुरू होने से कॉलोनी का वातावरण प्रभावित होगा और युवाओं पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर ठेका प्रस्तावित है, उसके आसपास दो मंदिर और एक स्कूल स्थित हैं। ऐसे में नियमों की अनदेखी करते हुए शराब की दुकान खोलने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर और शिक्षण संस्थानों के निकट शराब की दुकान खोलना न केवल अनुचित है बल्कि इससे सामाजिक असुरक्षा और अव्यवस्था का माहौल भी बन सकता है।
कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी भावनाओं की अनदेखी कर ठेका खोलने की अनुमति दी, तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। लोगों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में कॉलोनी के भीतर शराब बिक्री का कार्य नहीं होने देंगे।
इस मामले में जब आबकारी अधिकारी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ठेके की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में यह पाया गया कि स्थान नियमों के विरुद्ध है, तो वहां शराब ठेका खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर गुलाब वाटिका में तनाव और असंतोष का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि धार्मिक और शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित शराब ठेके को तत्काल निरस्त किया जाए।


