जालौन
“कोतवाली जालौन पुलिस ने पीड़ित को ही थमाया धारा 130 का नोटिस”
दबंगों के खिलाफ लिखी एनसीआर का बाद भी पीड़ित को मिली रही जान माल की धमकी

पीड़ित बोला—’आखिर इंसाफ कब मिलेगा?
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जालौन। जालौन कस्बा चौकी की कार्यशैली एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। आरोप है कि करीब एक माह पहले दिए गए प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने केवल एनसीआर दर्ज कर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली, लेकिन इसके बाद मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का दावा है कि नामजद आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार समझौते का दबाव बनाते हुए दोबारा मारपीट की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित छत्रपाल सिंह पुत्र जगन्नाथ सिंह, निवासी मोहल्ला भवानीराम, कस्बा जालौन ने बताया कि दुकान के रुपये के लेनदेन को लेकर राजू यादव उर्फ कक्का से फोन पर विवाद हुआ था। आरोप है कि आरोपी ने फोन पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
छत्रपाल सिंह का आरोप है कि पुलिस ने मामले में केवल एनसीआर दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। उनका कहना है कि लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का सवाल है, “जब एनसीआर दर्ज हो चुकी है, तो आरोपी अब तक क्यों नहीं पकड़ा गया? यदि कार्रवाई नहीं करनी थी, तो शिकायत दर्ज कराने का उद्देश्य क्या था?”
पीड़ित का यह भी आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर उन्हें ही धारा 130 बीएनएसएस के तहत नोटिस थमा दिया, जिसके चलते उन्हें जमानत की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। वहीं दूसरी ओर आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और कथित रूप से समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं।
छत्रपाल सिंह का कहना है कि वह और उनका परिवार भय के माहौल में जीवन व्यतीत कर रहा है। उनका कहना है कि यदि शिकायतकर्ता ही खुद को असुरक्षित महसूस करे और आरोपी बेखौफ घूमते रहें, तो आम जनता पुलिस से न्याय की उम्मीद कैसे करे?
इस पूरे प्रकरण में संवाददाता ने जालौन चौकी प्रभारी से दूरभाष के माध्यम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।


