बागपत
संस्कारों से सशक्त होगा राष्ट्र, युवा पीढ़ी को सही दिशा दे रहा आर्य समाज : रवि शास्त्री

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के तत्वावधान में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल, बड़ौत में आयोजित आवासीय संस्कार शिविर निरंतर युवाओं में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत कर रहा है। शिविर के छठे दिन आर्य वीरों को शारीरिक एवं बौद्धिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
शिविर में वरिष्ठ समाजसेवी एवं आर्य समाज के वक्ता रवि शास्त्री ने आर्य वीरों को तलवार संचालन का अभ्यास कराया तथा आत्मरक्षा, साहस और अनुशासन का महत्व समझाया। इसके पश्चात आयोजित बौद्धिक सत्र में उन्होंने कहा कि “बाजार में वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं, लेकिन संस्कार नहीं। संस्कार परिवार, समाज और ऐसे प्रशिक्षण शिविरों से प्राप्त होते हैं। आर्य समाज वास्तव में मानव निर्माण की एक कार्यशाला है, जहां व्यक्ति के चरित्र, व्यक्तित्व और राष्ट्रभक्ति का निर्माण होता है।”
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का चरित्र ऊंचा होना चाहिए तथा उसकी वाणी में संयम और मधुरता होनी चाहिए। समाज में वही व्यक्ति सम्मान प्राप्त करता है जो अपने आचरण से दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में शक्ति का सम्मान होता है और वास्तविक शक्ति संगठन में निहित है। संगठित समाज ही चुनौतियों का सामना कर सकता है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रवि शास्त्री ने कहा कि आज के समय में आर्य समाज विभिन्न संस्कार शिविरों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रशिक्षण दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिला सभा द्वारा संचालित ऐसे कार्यक्रम भविष्य में मील का पत्थर सिद्ध होंगे और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।
उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शराब और अन्य नशीले पदार्थ युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधकारमय बना रहे हैं। यदि समाज को मजबूत बनाना है तो युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखना होगा। इसके लिए परिवार, विद्यालय, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा।
स्वास्थ्य के विषय में उन्होंने कहा कि मानव संसार का सबसे बुद्धिमान प्राणी है, लेकिन जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों के कारण सबसे अधिक बीमार भी वही हो रहा है। शुद्ध एवं संतुलित भोजन, नियमित दिनचर्या और योग-व्यायाम ही स्वस्थ जीवन का आधार हैं। उन्होंने बच्चों को जंक फूड और नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा भारतीय जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
शिविर में बच्चों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वैदिक संस्कृति, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति तथा सामाजिक दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर **डॉ. मनीष तोमर, प्रो. सुरेंद्र पाल आर्य, धर्मपाल त्यागी, कपिल आर्य, अरुण आर्य वीर, राष्ट्र वर्धन मुनि, हरेंद्र आर्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त



