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शाह के बुलावे पर दिल्ली गए यूसुफ पठान?

बगावत की आहट के बीच ममता के गुट का दावा, जानें कल्याण बनर्जी क्या बोले

कोलकाता। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया है कि यूसुफ पठान अमित शाह के फोन पर दिल्ली गए थे। उन्होंने बागी सांसदों पर भाजपा से जुड़ने का आरोप लगाया। वहीं, काकोली घोष दस्तीदार ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से नाराजगी थी और करीब 20 सांसद एनडीए को समर्थन देने के पक्ष में हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी बगावत अब और खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के कई सांसदों के बागी रुख के बीच अब पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान का नाम भी विवाद के केंद्र में आ गया है। ममता बनर्जी के करीबी नेता कल्याण बनर्जी ने दावा किया है कि यूसुफ पठान अमित शाह के फोन आने के बाद दिल्ली गए थे। वहीं टीएमसी की बागी नेता काकोली घोष दस्तीदार लगातार यह दावा कर रही हैं कि उनके साथ बड़ी संख्या में सांसद हैं और पार्टी के भीतर असंतोष गहरा चुका है।
कल्याण बनर्जी ने क्या बड़ा दावा किया?
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो सांसद भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर गए, उन्होंने साफ तौर पर भाजपा का साथ चुन लिया है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि इन नेताओं ने ममता बनर्जी को छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान लिया है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद यूसुफ पठान से बात की थी और पठान ने बताया कि अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया है। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में टीएमसी को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
यूसुफ पठान का नाम क्यों चर्चा में आया?
पूर्व क्रिकेटर और बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान का नाम इस पूरे विवाद के बाद तेजी से चर्चा में आया है। हालांकि उन्होंने अभी तक सार्वजनिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन टीएमसी नेताओं के आरोपों के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। काकोली घोष दस्तीदार ने संकेत दिए हैं कि यूसुफ पठान बागी सांसदों के संपर्क में हैं। वहीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी पठान पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह अमित शाह के फोन पर दिल्ली जा रहे हैं, तो उन्हें साहस दिखाना चाहिए और पार्टी के साथ खड़ा रहना चाहिए।
काकोली घोष दस्तीदार ने कैसे किया पलटवार?
टीएमसी की बागी नेता काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी नेतृत्व के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि सांसदों के भीतर लंबे समय से नाराजगी थी। उन्होंने दावा किया कि करीब 20 सांसद ठऊअ को समर्थन देने के पक्ष में हैं। काकोली ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बागी सांसद भाजपा में शामिल नहीं हो रहे, बल्कि अलग गुट बनाकर काम करना चाहते हैं। काकोली का कहना है कि पार्टी नेतृत्व सांसदों की बात सुनने को तैयार नहीं था।
क्या टीएमसी में सबसे बड़ी टूट की आशंका है?
तृणमूल कांग्रेस अब अपने गठन के बाद सबसे बड़े अंदरूनी संकट का सामना करती दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर बागी सांसदों और ममता समर्थक नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। कल्याण बनर्जी ने बागी नेताओं को गद्दार बताते हुए कहा कि उन्हें जनता के बीच जाकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ता हर सांसद से सवाल पूछेंगे।
टीएमसी नेताओं का आरोप है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बढ़त बनाने के लिए पार्टी में टूट कराने की कोशिश कर रही है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि भाजपा के पास ईडी, सीबीआई और सत्ता की ताकत हो सकती है, लेकिन टीएमसी के साथ मां, माटी, मानुष और बंगाल की जनता खड़ी है। वहीं भाजपा की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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