बरेली

आधुनिक तरीके से कैसे करें फलबागवानी- उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो                     
बरेली : आम के फलों को तोड़ने का सबसे उचित समय प्रातः जल्दी अथवा देर संध्या काल है। आम को हाथ से अथवा आम तोड़क यंत्र की  सहायता से तोड़ना चाहिए। आम की सुरक्षित तुड़ाई हेतु केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के द्वारा एक सरल एवं कम लागत का पोर्टेबल हार्वेस्टर विकसित किया गया है।तोड़े गये फलों को मिट्टी के सम्पर्क में नही आने देना चाहिए।  जिससे तुड़ाई के दौरान चेंप कम से कम निकले। निर्यात करने वाले फलों की चेंप निकालने की मेज (डिपेपर) पर 25 से 30 मिनट तक रखकर चेंप निकाल देना चाहिए। फलों के बाग के रोपड़ हेतु मई माह में जो गड्ढ़े नही खोदे गये हैं, उनकी खुदाई का कार्य अविलम्ब पूर्ण कर लिया जाये। आम एवं लीची के बाग स्थापना के लिए 10ग10 मीटर की दूरी पर तथा आम एवं लीची की सघन बागवानी पौध रोपड़ हेतु 5ग5 मीटर या 5ग4 मीटर की दूरी पर 1 मीटर लम्बाई, 1 मीटर चैड़ाई, 1 मीटर गहराई (1ग1ग1), अमरूद आंवला, नीबूवर्गीय बेल एवं बेर के रोपड़ हेत 6ग6 मीटर की दूरी पर 30 सेन्टीमीटर लम्बाई, 30 सेन्टीमीटर चैड़ाई, 30 सेन्टीमीटर गहराई (30ग30ग30) एवं केला एवं पपीता की खेती के लिए 1.8ग1.8 मीटर की दूरी पर 30 सेन्टीमीटर लम्बाई, 30 सेन्टीमीटर चैड़ाई, 30 सेन्टीमीटर गहराई (30ग30ग30) आकार के गड्ढ़े की खुदाई करके खुला छोड़ दें, जिससे धूप से कीट एवं रोग के पैथोजन्स नष्ट को जाये। गड्ढ़ों की खुदाई समय यह ध्यान रखें कि गड्ढ़े के ऊपर की आधी गहराई की मिट्टी को पृथक से दाये एवं बाये आधी मिट्टी एवं शेष गोबर की खाद में मिलाकर गड्ढे की भराई करें। आम एवं अमरूद में फलमक्खी से बचाव हेतु मिथाइल यूजिनाल एवं क्यू ल्योर ट्रैप 20-25 ट्रैप प्रति हे0 की दर से 6 से 8 फिट की ऊचाई पर टहनियों में बांध कर लटकाए तथा नीम सीड कर्नेल एक्सट्रैक्ट का 3-5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर 10-15 दिन के अन्तराल पर छिड़काव करें। आम में शोल्डर ब्राउनिंग रोग के प्रकोप से फलों को बचाने हेतु वर्षा प्रारम्भ होने से पूर्व फलों को बंद करने अथवा फलों पर तुड़ाई से 21 दिन पूर्व तक फफूॅदी नाशक, प्रोपीकोनाजोल 13.90 प्रतिशत़हाईफेनोकोनाजोल 13.90 प्रतिशत (1-2 मिली/लीटर) या टेबूकोनाजोल 50 प्रतिशत़ट्राईफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 25 प्रतिशत (1 ग्रा0/लीटर) के घोल का स्टीकर के साथ छिड़काव करें।
आम फसल में लगने वाले कैटरपिलर (कटर कीट) के नियंत्रण हेतु स्पाइनेटोरेम 1 मिली0 दवा प्रति 3 लीटर पानी के साथ घोलकर या क्लोरोसाइपर (क्लोरोपाइरीफाॅस 50 प्रतिशत़साइपरमेथ्रिन 5 प्रतिशत) 0.50 मिली0 दवा प्रति लीटर पानी में घोलकर प्रथम छिड़काव करें तथा आवश्यकतानुसार 10 से 15 दिन बाद दूसरा छिड़काव करें।
कीटनाशक के प्रयोग में बरती जाने वाली सावधानियाँ-
1.कीटनाशक के डिब्बों को बच्चों व जानवरों की पहुँच से दूर रखना चाहिए।
2.कीटनाशक का छिड़काव करते समय हाथों में दस्ताने, मुँह को मास्क व आँखों को चश्मा पहनकर ढक लेना चाहिए, जिससे कीटनाशी त्वचा व आँखों में न जाये। फल बागवानी से संबंधित किसी भी समस्या के लिए जनपद बरेली के किसान उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं l
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