झारखंड कैबिनेट की बड़ी सौगात, रिम्स-2 निर्माण को मिली मंजूरी, गोविंदपुर – साहिबगंज एवं पाकुड़ की प्रमुख सड़क परियोजनाओं को भी हरी झंडी, उपासना ने की सराहना
Major boost from the Jharkhand Cabinet: Approval granted for the construction of RIMS-2, and the green light given to key road projects in Govindpur-Sahibganj and Pakur; Upasana has welcomed the move.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त रिम्स-2 के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले के साथ लंबे समय से प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम देगी तथा झारखंडवासियों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में भी कैबिनेट ने कई अहम निर्णय लिए। पथ प्रमंडल, दुमका के अंतर्गत गोविंदपुर-साहिबगंज एडीबी पथ (एसएच-18) के किलोमीटर 139.00 से 190.930 तक कुल 51.930 किलोमीटर सड़क के दो लेन विथ पेव्ड शोल्डर के साथ चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण (यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित) के लिए ₹221.40 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और आवागमन को भी गति मिलने की उम्मीद है। वही पाकुड़ जिले के लिए भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। तलवा से खारू टोला पथ (सलपानी होकर) तथा चन्दना से श्रीधरपाड़ा लिंक पथ की कुल 17.910 किलोमीटर लंबी सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए इसके पुनर्निर्माण के लिए ₹128.20 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इस परियोजना में पुल निर्माण, पौधारोपण, भू-अर्जन और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसे कार्य भी शामिल हैं। महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के उभरता हुआ चेहरा सह- झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य युवा नेत्री उपासना मरांडी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस सड़क के निर्माण की मांग की जा रही थी और अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने से क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों को नया बल मिला है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस सड़क के निर्माण से विशेष रूप से सुंदरपहाड़ी क्षेत्र के पत्थर उद्योग एवं व्यापार को नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से परिवहन सुगम होगा, लागत में कमी आयेगी और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच भी अधिक आसान होगी। राज्य सरकार के इन फैसलों को स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से न केवल क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों और जनसुविधाओं में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।



