उर्दू, संस्कृत सहित कई प्रमुख विषय पोर्टल से हटाए जाने पर छात्रों में नाराजगी, बहाली नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
Students are upset over the removal of several major subjects—including Urdu and Sanskrit—from the portal, and have warned of a protest if these are not reinstated.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
साहिबगंज जिले के बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा में स्नातक (यूजी) सत्र 2026-30 के नामांकन पोर्टल से कई विषय हटाए जाने के विरोध में शुक्रवार को एनएसयूआई के कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से सिद्धू-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि वर्षों से महाविद्यालय में संचालित उर्दू, संस्कृत, मनोविज्ञान, श्रम एवं समाज कल्याण (एल.एस.डब्ल्यू.) तथा दर्शनशास्त्र जैसे विषयों को नामांकन पोर्टल पर पुनः बहाल किया जाए। एनएसयूआई का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के इन विषयों को हटाए जाने से सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जबकि पूर्व के सत्रों में इन विषयों में बड़ी संख्या में नामांकन होता रहा है। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अविलंब संज्ञान लेकर संबंधित विषयों को पोर्टल पर पुनः जोड़ने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के हित में जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वह आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के विषयों को हटाना विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों और स्थानीय भाषाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उनका कहना था कि एक ओर क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर व्यवहारिक स्तर पर ऐसे विषयों को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष सत्यम यादव, कॉलेज सचिव वसीम अकरम, फारिकुल इस्लाम, एनएसयूआई सदस्य शिवम कुमार, मुबारक शेख, छात्र सांझला मुर्मू, आदिल अहमद, अंकित शाह सहित अन्य छात्र उपस्थित थे।



