भरत पुर
बुधात्यि – गजकेसरी सहित कई शुभ योगो के संयोग में आज से शुरु हुए गुप्त नवरात्र
चतुर्थी घटने से आठ दिन के होंगे गुप्त नवरात्र

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : भुसावर सहित उपखण्ड मुख्यालय में आज 15, जुलाई बुधवार को आषाढ़ मास के शक्ति उपासना, तंत्र मंत्र और साधना और आध्यात्मिक सिद्धि के पर्व गुप्त नवरात्र शुरु हुए। जहां इस बार एक तिथी क्षय होने के कारण नवरात्र नौ दिन के बजाय आठ दिन तक मनाए जाएंगे। गुप्त नवरात्रि का समापन 22 जुलाई को भडल्या नवमी पर होगा। गुप्त नवरात्रि की शुरुआत बुधादित्य, गजकेसरी, मातंग और हर्षण योग सहित कई दुर्लभ शुभ संयोगो में होने से इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बढ़ गया है।
“गोपनीय विधी से होगी देवी की आराधना”
विद्वान पण्डितो ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिपदा तिथी सुर्योदय के समय विधमान रहने से 15 जुलाई से नवरात्र आरम्भ माने जाएंगे। जहां साधक नियम, संयम और गोपनीय विधी से देवी की आराधना करेंगे। वहीं इस दौरान मन्त्र जाप, देवी पुजन, हवन और सात्विक जीवनशैली अपनाने का विशेष महत्व है। वहीं पण्डितो का कहना है कि 17 जुलाई को चतुर्थी तिथी क्षय रहेगा, जिसके कारण नवरात्र आठ दिन के होंगे।
“*दस महाविधाओं की साधना का विशेष महत्व”
गुप्त नवरात्र को विशेष रूप से शक्ति साधकों, तांत्रिक उपासकों और देवी आराधको का पर्व माना जाता है। जहां इन दिनों दस महाविद्याओं मां काली, तारा, त्रिपुरा सुन्दरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बंखलामुखी, मातंगी और कमला की साधना का विशेष विधान है। जहां श्रद्वालु इन दिनो देवी की उपासना के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना की पूर्ति की कामना करते हैं।



