जालौन
उर्वरक प्रयोग के पहले किसान भाई खेत की मिट्टी का करायें जांचःएआर
जनपद के 66 सहकारी समितियों से फार्मर आईडी से मिलेगी खाद

पीसीएफ के बफर गोदाम में यूरिया, डीएपी का पर्याप्त भंडार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। किसान भाई जब भी अपने खेतों में उर्वरक का प्रयोग करें उससे वह अपने खेत की मिट्टी की जांच जरूर करवायें ताकि खेत की मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार ही वह उर्वरक डालकर अच्छी पैदावार ले सकते हैं। उक्त बात एक भेंट वार्ता के दौरान जिला सहायक निबंधक सहकारिता शिवकुमार ने कही।
मूल रूप से बुलंदशहर के निवासी एआर शिवकुमार ने बताया कि जनपद में 66 सहकारी समितियों से किसानों को उर्वरक उपलब्ध करायी जाती जहां प्रत्येक समिति पर फार्मर आईडी के आधार पर ही किसानों को खाद की बिक्री की जाती है जिसमें कृषि विभाग से निर्धारिक मानकों का पालन भी करना होता है। उन्होंने जनपद के किसानों से अनुरोध किया कि वह जब भी अपने खेतों में उर्वरक का प्रयोग करें उससे पहले अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण जरूर करायें ताकि मिट्टी को जिस पोषक तत्व की जरूरत है उसे मिल सके इससे किसानों को जिंसों की पैदावार में भी बढ़ोत्तरी होगी और खेत की मिट्टी की सेहत में सुधार होगा। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में समितियों में 1451 मीट्रिक टन यूरिया व 953 मीट्रिक टन डीएपी खाद उपलब्ध हैं। जबकि पीसीएफ के बफर गोदाम में 6 हजार 107 मीट्रिक टन यूरिया व 3545 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व के समय में जनपद में समितियों में रखी पाॅस मशीनों में खराबी की शिकायतें मिली थी इसे गंभीरता से लेकर सभी पाॅस मशीनों में नया साफटवेयर लोड कराया गया जिससे किसानों को अब परेशानी नहीं आयेगी। एआर ने यह भी बताया कि समितियों में आकस्मिक आपूर्ति के लिये 1539 मीट्रिक टन डीएपी व 600 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है जिसे आवश्यकता के अनुसार समितियों में पहुंचायी जायेगी। इसीक्रम में रिजर्व स्टाक में 736 मीट्रिक टन डीएपी व 270 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।


