जालौन
चमारी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में फर्जीवाड़े का आरोप
ग्रामीणों ने डीएम से निष्पक्ष जांच, पात्रों को लाभ दिलाने की उठाई मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। जालौन जनपद की कालपी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत चमारी के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए बुधवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, बृजेश कुमार तत्कालीन सचिव पवन सोनी और पंचायत सहायक द्वारा पूर्व में तैयार कर भेजी गई लाभार्थी सूची में कई अपात्र लोगों के नाम शामिल कर दिए गए, जबकि वास्तविक पात्र परिवारों को योजना से वंचित रखा गया।
शिकायत में कहा गया है कि सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जिनके पास पहले से पक्के मकान, चार पहिया एवं दो पहिया वाहन, भूमि तथा कुछ मामलों में सरकारी नौकरी भी है। इसके बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए सूची में शामिल किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सूची जान-पहचान के लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सूची की निष्पक्ष जांच कर अपात्र लोगों के नाम हटाए जाएं तथा फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही नेहा देवी, सरमनबाई, गोमती, सुनीता, शिववती, नीतू, पूनम, विनीता, भूरी मनोज गोपी हरदास सहित अन्य वास्तविक पात्र परिवारों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल कर उन्हें आवास का लाभ दिलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास आज भी रहने के लिए पक्का मकान नहीं है और वे योजना की सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, इसके बावजूद उन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिला। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रशासन शिकायत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक पात्रों को न्याय दिलाएगा।



