बरेली
जल जीवन मिशन में सुस्ती, 7 साल बाद भी कोरोना को ठहरा रही सरकार जिम्मेदार
बरेली-बदायूं के सैकड़ों गांवों में अधूरी पेयजल योजना, खुदी सड़कें बनीं परेशानी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली । आंवला लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवाल पर जल शक्ति मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि बरेली और बदायूं जिलों में जल जीवन मिशन का कार्य अभी तक पूरी तरह पूरा नहीं हो सका है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बरेली जिले के 15 ब्लॉकों के 1,866 गांवों में से केवल 575 गांवों में ही शत-प्रतिशत नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सके हैं। वहीं बदायूं के 15 ब्लॉकों के 1,476 गांवों में से मात्र 709 गांवों में ही हर घर नल पहुंचा है। सांसद ने योजना में देरी और पाइपलाइन बिछाने के बाद बदहाल पड़ी सड़कों की मरम्मत को लेकर सवाल किया था। जवाब में बताया गया कि बरेली के 435 गांवों और बदायूं के 616 गांवों में सड़क मरम्मत का कार्य अभी लंबित है। इनमें आंवला संसदीय क्षेत्र के बदायूं हिस्से के 276 गांव भी शामिल हैं।
मंत्रालय ने देरी का कारण कोविड-19 महामारी और मानव संसाधन की कमी बताया।
जारीकर्ता: मयंक शुक्ला, मीडिया प्रभारी



