झुंझुनू
दिल्ली के जंतर-मंतर से गांव लौटे सुरेश मीणा किशोरपुरा ने फिर शुरू किया सांकेतिक धरना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। भारत में सबसे पहले गुढ़ागौड़जी के जिस नीट स्टूडेंट प्रदीप माहिच के आत्महत्या के बाद इंसाफ की आवाज उठी वो आंदोलन आज भारत के सबसे बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। शेखावाटी की धरा से शुरू हुई चिंगारी अब दिल्ली में ज्वाला में तब्दील हो चुकी है। यह आजादी के बाद पहला आंदोलन हो सकता है जिसमे प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी से लेकर देश के नामचीन लोगों ने गुढ़ा के प्रदीप मेघवाल के परिवार की सुध ली तथा 25 से 30 लाख की सहायता भी हुई। आंदोलन को चलाने वाले प्रमुख नेता सुरेश मीणा किशोरपुरा ने कहा कि भाजपा सरकार के 12साल के इतिहास में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि सरकार ने आंदोलनकारियों के सामने झुकने का प्रयास किया हो। दिल्ली में देश के लाखों किसान कृषि बिल कानून को निरस्त कराने के लिए कई महीनों तक बैठे रहे पर सरकार टस से मस नहीं हुई आखिर बेचारे किसान बैरिंग ही घर लौट आये। महिला पहलवानों ने महीनों तक जंतर मंतर पर धरना दिया ऐसे बहुत सारे आंदोलन हुए पर सरकार ने नजर अंदाज किया। पर इस बार हमारे देश व्यापी आंदोलन के सामने सरकार को बेक फुट पर आना पड़ा। पहली बार देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे आकर कहा है कि हम वार्ता के लिए 24घंटे तैयार है। कल नीट पेपर लीक पर मोदी ने कड़ा कानून बनाने का प्रस्ताव पारित किया है। सरकार ने आत्महत्या करने वाले नीट स्टूडेंट के परिजनों को सहायता राशि मुआवजा देने पर विचार रखा है। दोषी पेपर माफिया के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसने की बात कही गई है। केंद्र के दो बड़े अधिकारियों को पद से हटाया गया है। सरकार के दो केंद्रीय मंत्रियों को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का धरना तुड़वाने भी भेजा। सरकार से शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर वार्ता भी तय है। सुरेश मीणा किशोरपुरा ने कहा कि सरकार की यह सकारात्मक पहल है। हम लोग जिन मुद्दों को लेकर पहले दिन से धरने पर है। हमने नीट को लेकर पहले गुढ़ा फिर उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र के गांव गांव इसके बाद सीकर यहां से लगातार जयपुर धरने प्रदर्शन करते रहे। यहां से फिर हमने इस मुद्दे को दिल्ली में उठाया पर पीछा नहीं छोड़ा ना रुके ना थके। ओर आज इस आंदोलन में हम सफल हो गए तो हर कोई धरने को समर्थन देने लगा है। आगे आने वालो की लाइन लगी हुई है पर जिस दिन हम संघर्ष कर रहे थे तो कुछ लोग हमारे उपर हँस रहे थे। सुरेश मीणा किशोरपुरा और रवींद्र सिंह पौंख ने संघर्ष के दिनों के उन तमाम साथियों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनका साथ दिया।उन्होंने दावा किया कि आप का संघर्ष बेकार नहीं जाएगा आप ओर हमने जो मांगे सरकार के सामने रखी वो जायज मांगे पूरी होने वाली है। कुछ हो चुकी कुछ बहुत जल्द हो जाएंगी। उन्होंने नीट पर फास्ट कोर्ट बनाने जैसे अतिमहत्वपूर्ण कानून बनाने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया।



