
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बसंतराय। बसंतराय प्रखंड मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक तालाब के सौंदर्यीकरण की मांग वर्षों से स्थानीय लोगों द्वारा उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। कई पीढ़ियों से अस्तित्व में मौजूद यह ऐतिहासिक तालाब बसंतराय की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। हर वर्ष 14 अप्रैल को यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें झारखंड सहित बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विभिन्न समुदायों के लोग पहुंचते हैं तथा आस्था की डुबकी लगाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले से लगभग दस दिन पहले सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि पूरे वर्ष तालाब की स्थिति उपेक्षित बनी रहती है।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इस ऐतिहासिक तालाब का समुचित सौंदर्यीकरण कराया जाए, तो न केवल इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा बढ़ेगी, बल्कि बसंतराय प्रखंड की खूबसूरती और पर्यटन संभावनाओं को भी नया आयाम मिलेगा। स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि ऐतिहासिक तालाब की नियमित सफाई, जलकुंभी की निकासी, पक्के घाटों का निर्माण, चारों ओर सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और हरियाली विकसित करने का कार्य जल्द शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि बसंतराय की पहचान से जुड़े इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित और विकसित किया जाना समय की मांग है।



