हजारीबाग
आत्मसमर्पित नक्सली बंदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
नक्सली बंदी कारा में व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हज़ारीबाग़ आत्मसमर्पित नक्सली बंदी कारा, हजारीबाग में राज्य सरकार की समर्पण नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सली बंदी (महिला एवं पुरुष) के पुनर्वास एवं उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज 31 जुलाई को मुर्गी पालन (पोल्ट्री फार्मिंग) तथा सिलाई कटिंग संबंधी व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन उपायुक्त हेमन्त सती ने किया।
यह प्रशिक्षण जन शिक्षण संस्थान, हजारीबाग द्वारा दिया जाएगा। इस अवसर पर उपायुक्त हेमन्त सती ने कहा कि राज्य सरकार की समर्पण नीति का उद्देश्य केवल आत्मसमर्पित कैदियों का पुनर्वास करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर समाज का जिम्मेदार एवं आत्मनिर्भर नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों को नई दिशा मिलेगी और वे अपने जीवन की नई शुरुआत आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 80 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 60 आत्मसमर्पित नक्सली बंदी (महिला एवं पुरुष) भाग लेंगे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मुर्गी पालन एवं सिलाई के क्षेत्र में व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे वे प्रशिक्षण उपरांत स्वरोजगार स्थापित करने में सक्षम बन सकें। उपायुक्त ने कहा कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात सभी प्रतिभागियों को जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से जोड़ते हुए स्वरोजगार हेतु ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित आत्मसमर्पित नक्सली बंदियों ने जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक वापसी का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इस अवसर पर जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन सहित संबंधित पदाधिकारी एवं प्रशिक्षकगण उपस्थित थे।




