जामताड़ा
विद्यासागर रेलवे स्टेशन से बोल बम के जयकारों के साथ सैकड़ों शिवभक्त रवाना
कांवरिया यात्रा शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जामताड़ा : श्रावण मास के पावन अवसर पर झारखंड के जामताड़ा जिले के ऐतिहासिक विद्यासागर रेलवे स्टेशन से आज सैकड़ों शिवभक्तों का जत्था ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ देवघर और विभिन्न पवित्र शिवालयों के लिए रवाना हुआ। पूरा रेलवे स्टेशन परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के गूंजते नारों से पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह से ही स्टेशन पर केसरिया वस्त्र धारण किए हुए शिवभक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में एक अद्भुत और भक्तिमय माहौल बन गया।
केसरिया रंग में रंगा स्टेशन परिसर
विद्यासागर रेलवे स्टेशन का हर कोना आज केसरिया रंग में रंगा दिखाई दिया। पुरुष, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग—सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज थामे और पीठ पर पवित्र कांवर लादे नजर आए। कांवरियों के चेहरे पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन की असीम लालसा और ऊर्जा साफ झलक रही थी। ढोल-नगाड़ों की थाप और भजनों की धुनों के बीच श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। एक स्वर में गूंज रहे “बोल बम” और “ॐ नमः शिवाय” के जयकारों से पूरा रेलवे परिसर गूंज उठा, जिससे वहां मौजूद अन्य यात्री भी भक्तिभाव से सराबोर हो गए।
सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विद्यासागर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहे। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कांवरियों को ट्रेन में चढ़ने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, सामाजिक संगठनों और स्थानीय युवाओं द्वारा स्टेशन परिसर में कांवरियों के लिए निःशुल्क पेयजल, फल और प्राथमिक चिकित्सा शिविर की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली।
कांवरियों में दिखा विशेष उत्साह
प्रस्थान करने से पहले श्रद्धालुओं ने बताया कि वे कठिन सफर और लंबी पैदल यात्रा की कठिनाइयों की परवाह किए बिना बाबा बैद्यनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। कांवरियों का यह जत्था ट्रेन के माध्यम से सुल्तानगंज (उत्तरवाहिनी गंगा) पहुंचेगा, जहां से वे पवित्र गंगा जल भरकर पैदल देवघर के लिए अपनी पारंपरिक कांवर यात्रा शुरू करेंगे।
सावन के इस महीने में विद्यासागर रेलवे स्टेशन से कांवरियों का यह जत्था रवाना होना इस बात का प्रमाण है कि सनातन संस्कृति और भगवान शिव के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही प्रगाढ़ है। इस यात्रा के साथ ही जामताड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सावन का धार्मिक उल्लास अपने चरम पर पहुंच गया है।



