बुलंदशहर
औरंगाबाद में बड़े नाले को पाटकर हो गया सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
नगर पंचायत के सर्वेसर्वा मौन !

मोटी रकम वसूल कर दी हरी झंडी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
औरंगाबाद बुलंदशहर राजेन्द्र अग्रवाल औरंगाबाद कस्बे में पवसरा मोड़ के नजदीक एक अस्पताल संचालक ने सरकारी जमीन पर बने नाले को रातों रात पाटकर नाले की जमीन पर ही कब्जा जमा लिया। यही नहीं पी डब्लू डी विभाग के द्वारा बनवाए गए पुल की पैराफिट जमींदोज कर अपने अस्पताल का रास्ता बना कर कानून को ठेंगा दिखा दिया।
भूमाफियाओं का एक और कारनामा प्रकाश में आया है। स्टेट हाइवे पर बड़े पुल के नाम से जाना जाने वाला पी डब्लू डी द्वारा बनवाए गए पुल की पूर्व दिशा की पैराफिट जमींदोज कर एक अस्पताल संचालक ने शासन प्रशासन और तमाम कायदे कानून को ठेंगा दिखाते हुए अपने अस्पताल का रास्ता बना लिया। यही नहीं उसने बड़े नाले के उपर सीमेंट की पटिया आदि डालकर उसे ऊपर से पूरी तरह पाट कर सरकारी जमीन पर ही कब्जा कर लिया। मजे की बात यह है कि नाले के उपर एक मंजिल खडी करके कमरे आदि बनाकर नाले पर ही अवैध कब्जा कर लिया। इस नाले का निर्माण नगर पंचायत द्वारा पवसरा रोड के आसपास के जल को सडक पार बड़े तालाब में पहुंचाये जाने की गरज से बनवाया गया था।
जानकार सूत्रों की मानें तो अस्पताल संचालक ने नाले पर अवैध कब्जा करने से पहले नगर पंचायत के सर्वेसर्वाओं से संपर्क साधा। उन्होने एवज में मोटी रकम वसूल कर उसे अपनी मनमर्जी से नाला पाट लेने की मौन स्वीकृति दे दी। एक सप्ताह पूर्व रविवार को रातों-रात नाले को पाटकर अस्पताल का सड़क से भीतर तक पहुंचने का रास्ता तैयार कर लिया गया। ऐसा नहीं है कि इस मामले की भनक किसी को ना लगी हो। नगर पंचायत के सर्वेसर्वाओं की हिदायत पर किसी ने भी इस अवैध कब्जे पर कोई एतराज़ नहीं किया और ना ही इसे रुकवाने का प्रयास किया।
औरंगाबाद कस्बे में होने वाले भीषण जलभराव का सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां नालों को पाटकर साफ सफाई की गुंजाइश ही नहीं छोड़ी गई है। इस काम को नगर पंचायत के सर्वेसर्वाओं और भृष्ट कर्मचारियों की मिली भगत से ही अंजाम दिया गया है। देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के कड़क तेवरों वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोखर तालाबों नालों पर अवैध कब्जे नाकाबिले बर्दाश्त की हिदायत पर प्रशासनिक अधिकारियों और नगर पंचायत के सर्वेसर्वाओं का कुछ ध्यान जाता है अथवा यों ही नाले पर असरदार भूमाफियाओं का अवैध कब्जा बरकरार रहता है।
अधिशासी अधिकारी रोहित कुमार ने पूछने पर बताया कि वे इस समय इलाहाबाद आये हुए हैं। सोमवार को मामले को देखेंगे उसके बाद ही कुछ बता पायेंगे ।



