महिला भारतीय गिरमिटिया मजदूरों के संघर्ष पर आधारित अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘गिरमिटिया जहाजिन’ का मुहूर्त सम्पन्न
भारतीय गिरमिटिया महिलाओं के इतिहास को वैश्विक पटल पर स्थापित करने की पहल, आधिकारिक पोस्टर जारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। भारतीय गिरमिटिया महिलाओं के संघर्ष, त्याग और ऐतिहासिक विरासत को समर्पित अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘गिरमिटिया जहाजिन’ का मुहूर्त समारोह सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस अवसर पर फिल्म का आधिकारिक पोस्टर भी जारी किया गया, जिसने इतिहास के उन अनदेखे और उपेक्षित पन्नों को प्रभावशाली रूप से सामने लाने का संदेश दिया।
डॉक्यूमेंट्री की निर्देशिका डा. शुचि गुप्ता ने बताया कि यह परियोजना आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रवासी भारतीयों के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की प्रेरणा से तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘गिरमिटिया जहाजिन’ भारतीय गिरमिटिया महिलाओं के इतिहास को केंद्र में रखकर बनाई जा रही विश्व की अपनी तरह की पहली डॉक्यूमेंट्री है। इसका उप-शीर्षक ‘एन इनोसेंट थंबप्रिंट इन द गिरमिट रजिस्टर्स’ (An Innocent Thumbprint in the Girmit Registers) रखा गया है।
उन्होंने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री उन भारतीय महिलाओं की गाथा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास है, जिन्हें औपनिवेशिक काल में गिरमिट (Indenture) प्रथा के अंतर्गत विभिन्न अंग्रेजी उपनिवेशों में मजदूर के रूप में भेजा गया था। इन महिलाओं का संघर्ष, साहस, आत्मबल और सांस्कृतिक योगदान इतिहास के पन्नों में कहीं दबकर रह गया, जिसे यह फिल्म नई पहचान दिलाने का प्रयास करेगी।
जारी किए गए पोस्टर में गिरमिटिया इतिहास के प्रतीकों को अत्यंत संवेदनशीलता और कलात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। इसमें गन्ने के पौधे, अंग्रेजी उपनिवेशों की ओर बढ़ता समुद्री जहाज, महिलाओं का समूह, पुरानी चाबियां तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों पर उभरता एक बड़ा अंगूठे का निशान प्रमुख रूप से दर्शाया गया है। यह दृश्य उस कालखंड की पीड़ा, विस्थापन, श्रम और संघर्ष की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं।
डा. शुचि गुप्ता ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री भारतीय गिरमिटिया महिलाओं के इतिहास, उनके संघर्ष और उनके योगदान को वैश्विक विमर्श का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय प्रवासी इतिहास के संरक्षण और दस्तावेजीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल है।
मुहूर्त समारोह में डॉक्यूमेंट्री से जुड़े प्रमुख सदस्य गौरव अग्रवाल, राज सुधीर सिंह और सूर्यांश सहित अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह डॉक्यूमेंट्री भारतीय गिरमिटिया महिलाओं के अदम्य साहस, संघर्ष और ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



