बरेली
‘बाजे रे मुरलिया बाजे’ पर झूम उठे श्रोता
रिद्धिमा में कृष्ण भक्ति को समर्पित संगीतमय आराधना 'सुरों के श्याम' का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार (9 अगस्त 2026) को कृष्ण भक्ति के मधुर सुरों में समर्पित संगीतमय आराधना कार्यक्रम सुरों के श्याम का आयोजन हुआ। इसमें रिद्धिमा के गायन गुरुओं और उनके शिष्यों ने भगवान कृष्ण को समर्पित अपने गीतों से भक्ति रस की सरिता में सभी को भावविभोर किया। कार्यक्रम का आरंभ गीत ‘जमुना किनारे मोरा गांव’ से हुआ। इसे अपने सुर मधुर स्वरों में गायन गुरु प्रियंका ग्वाल और रजनी अग्रवाल ने प्रस्तुत किया। गायन के विद्यार्थी काव्या, जारा और चंदन ने ‘राधा कैसे न जले’ गीत को अपनी आवाज देकर भगवान कृष्ण के प्रति राधा के उलाहनों की कहानी सुनाई। वाद्ययंत्र गुरु पवन भारद्वाज ने ‘ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन’ को प्रस्तुत कर वाहवाही हासिल की। गायन के विद्यार्थी आदित्य और अंशुमा ने गीत ‘तुम प्रेम हो’ और विद्यार्थी श्रेया ने गीत ‘एक राधा एक मीरा’ को अपनी आवाज में प्रस्तुत किया। गायन गुरु सात्विक मिश्रा ने गीत ‘याद है कुछ भी तुम्हारी’, गुरु प्रियंका ग्वाल ने गीत ‘कन्हैया गोपाला’ को जहां अलग अलग प्रस्तुत कर श्रोताओं की वाहवाही हासिल की तो वहीं गीत ‘बाजे रे मुरलिया बाजे’ को एक साथ प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में वाद्ययंत्र गुरु सूर्यकांत चौधरी (वायलिन), सुरेंदर (परकशन), दीपकांत जौहरी और अमर नाथ (तबला), ऋषभ आशीष पाठक (पखावज), सीमा (सितार), पवन भारद्वाज (हारमोनियम), अनुग्रह सिंह (ड्रम्स), विशेष सिंह (गिटार), डेरिक अमन जेम्स (कीबोर्ड), ध्रुव (सारंगी), जनार्दन (बांसुरी) ने भी अपने अपने वाद्ययंत्रों की संगत देकर कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का संचालन अरुणा गंगवार ने किया। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति जी, आशा मूर्ति जी, उषा गुप्ता, डा.एमएस बुटोला, डा.प्रभाकर गुप्ता, डा.अनुज कुमार, डा.शैलेश सक्सेना, डा.रीता शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।



