शिक्षा का मंदिर बना नशे का अड्डा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : नगर पालिका परिषद लोनी के नाईपुरा कॉलोनी क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय का एक बेहद चिंताजनक सामाजिक विषय प्रकाश में आया है। चर्चा है कि स्कूल नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि नशेड़ी अपने नशे का शौक पूरा करने के लिए स्कूल बंद होने के बाद उसकी दीवार फांदकर अंदर जा घुसते हैं। जो स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा और अनुशासन की कमी को दर्शाता है।
यह बड़े ही गंभीर सोच का विषय है कि जब ज्ञान के इन पवित्र केंद्रों में असामाजिक तत्वों या छात्रों द्वारा नशीले पदार्थों (जैसे शराब, सिगरेट, स्मैक या ड्रग्स) का सेवन होने लगता है, तो इससे न केवल शिक्षण का माहौल खराब होता है बल्कि बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ जाता है। ऐसे हाल हो चुके कुछ
प्रमुख कारण और चुनौतियाँ पर गौर करें तो शहरी स्कूलों में पक्की चारदीवारी या गार्ड नहीं होते हैं। स्कूल बंद होने के बाद शाम या रात के समय असामाजिक तत्व वहां जमा हो जाते हैं जो निगरानी के अभाव को दर्शाता है। सकल परिसरों में सीसीटीवी कैमरों और समय-समय पर औचक निरीक्षण की कमी होती है।जबकि स्कूल प्रशासन या शिक्षकों द्वारा समय पर पुलिस या उच्च अधिकारियों को शिकायत न करना भी इसमें शामिल है।
-नशे का अड्डा बने ऐसे स्कूलों की नकारात्मकता की ओर गौर करे तो स्कूली बच्चों के मन पर इसका गहरा और नकारात्मक मानसिक प्रभाव पड़ता है।
छात्राओं और महिला शिक्षकों के लिए स्कूल परिसर असुरक्षित महसूस होने लगता है। यही नहीं नशे के आदी लोग चोरी-चकारी और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।


