
आगरा । आगरा के दयालबाग में 100 फीट रोड और जयराम बाग मार्ग का करीब दो किलोमीटर हिस्सा चार साल में 29 बार धंस चुका है। विशेषज्ञ कमेटी ने जर्जर सीवर लाइन बदलने की सिफारिश की थी, लेकिन 6.50 करोड़ रुपये का बजट न मिलने से समस्या बनी हुई है।
आगरा के दयालबाग में 100 फीट रोड और जयराम बाग से दयालबाग को जोड़ने वाली सड़क का कुल दो किमी का हिस्सा 29 बार धंस चुका है। चार साल के अंदर यहां 15 से 125 फीट तक चौड़े गड्ढे सीवर लाइन में रिसाव के कारण हो चुके हैं।
दो साल पहले विशेषज्ञ कमेटी ने जर्जर हो चुकी सीवर लाइन को बदलने की सिफारिश की थी लेकिन अब तक लाइन बदलने के लिए बजट नहीं मिल पाया है। दयालबाग के जयराम बाग में सड़क धंसने के कारण हुए गड्ढे को वीए टेक वबाग की टीम ने सोमवार को भरवा दिया। मिट्टी और मलबा डालकर इसे भरा गया है। इसके मैनहोल के पास लीकेज की आशंका है। दयालबाग में अब तक 29 बार सड़क धंसी है। हर बार सीवर मैनहोल से जुड़े पाइप से ही लीकेज मिला है। दो साल पहले एक माह में जब 8-10 बार सड़क धंसी तो तत्कालीन मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर जांच कराई थी।
6.50 करोड़ से बदली जाएगी लाइन-उस दौरान जल निगम, वबाग और नगर निगम के इंजीनियरों ने जांच रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि दयालबाग की पूरी सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है। हालांकि यह 12 साल पुरानी ही है लेकिन इसमें इस्तेमाल किए गए सीवर पाइप बेहद खराब गुणवत्ता के हैं। सीवर मैनहोल भी खराब बनाए गए जो बार-बार लीकेज हो रहे हैं। इस पूरी सीवर लाइन को बदलने की सिफारिश की गई थी। उनके हस्तक्षेप पर वीए टेक वबाग ने 6.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा था, लेकिन नगर निगम से इसके लिए बजट नहीं मिल पाया है।
हो सकता है बड़ा हादसा-दयालबाग निवासी सौरभ चौधरी ने बताया कि इन गड्ढों में कई बार कारें फंस चुकी हैं, जबकि दो बार ट्रैक्टर ट्रॉली भी समा चुकी है। यहां लाइन नहीं बदली गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो जाएगा। घटिया निर्माण करने वाले इंजीनियरों पर भी कार्रवाई की जाए।
सीवर लाइन बदलना जरूरी-पार्षद भरत शर्मा ने कहा कि जब तक सीवर लाइन नहीं बदली जाती, तब तक ऐसे ही सड़कें खराब होती रहेंगी। शायद नगर निगम हादसे का इंतजार कर रहा है। बिजलीघर की तरह कोई हादसा हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा।
जलकल महाप्रबंधक कुमार गौरव ने कहा कि दयालबाग के जयराम बाग में हुआ गड्ढा भरवा दिया गया है। इस लाइन की जांच के बाद इस प्रस्ताव को भी देखा जाएगा और स्वीकृति कराकर लाइन ही बदलवाने का प्रयास करेंगे।



