भरत पुर
सावन लगते ही भुसावर में शुरु हुआ सेवई ( सेवाइयां ) बनाने का दौर
घर-घर बनाई जा रही है सेवइयां

रक्षा बन्धन पर होती श्रवण सलौना की पूजा अर्चना
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : हमारे देश में अनेकानेक त्यौहार समय समय पर श्रद्धा अनुसार धूमधाम एवं हर्षोल्लास पूर्वक रिति रिवाज के साथ मनाए जाते हैं। उन्हीं त्यौहारों में से एक है रक्षा बन्धन। जहां हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल श्रवण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षा बन्धन का पर्व, त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन बहिनें अपने भाईयो की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर लम्बी आयु और उनकी दिर्घायु की कामना के साथ अच्छे स्वास्थ्य की भगवान से प्रार्थना करती है। वहीं भाई भी बहन की सुरक्षा का वचन देकर उपहार देते हैं। वहीं भाई बहिन के अटूट प्रेम के त्यौहार रक्षा बन्धन के उपलक्ष्य में सावन लगते ही भुसावर सहित उपखण्ड मुख्यालय के ग्रामीण अंचल में घर- घर सेवई, सेवाइयां बनाने की तैयारियों में ग्रामीण जुट गए हैं। वही भुसावर में खिरकारी पुराना बिजली के पास, दीवली सड़क मार्ग स्थित बल्लो की चक्की, मुण्डायारा सड़क मार्ग, इटामडा सडक मार्ग पर कारीगर सेवाई, सेवाईयां बनाने की तैयारियो में जुट गए है। जहां उन्हें स्थानीय रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। सेवई,सेवाइयां बनाने वाले कारीगर सन्जू सिंघल, सोनू अग्रवाल, महेन्द्र सोनी, योगेश और बेबी, नरेन्द्र ने जानकारी देते हुए बताया कि सेवाइयां, सेवई मैदा और सूजी आदि से बनाई जाती है जहां कोई भी बनवाने वाला अपनी सामग्री लेकर आता है तो ₹15, किलो की दर से बनाई जाती हैं। और वही कोई तैयार मैदा सूजी से निर्मित सेवई, सेवइयां लेता है तो साठ (60) रुपए किलो की दर से हमेशा तैयार मिलती है। वहीं महिला पुष्पा, ममता, लक्ष्मी और चंचल ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। जहां घर के दरवाजों पर रक्षा बन्धन की पूर्व संध्या पर गेरू और खड़िया से बनाए गए श्रवण सालौना को सेवई,चावल आदि का भोग लगाया जाता है। और वहीं किसी लड़के का नव विवाह हुआ है, वह अपनी ससुराल शगुन के तौर पर सेवई, चावल,बूरा, घेवर, झूला, पटली, आदि सामग्री लेकर जाता है।



