साहेबगंज
साहिबगंज में खटिया बनी एंबुलेंस बदहाल सड़क ने उजागर की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल
कीचड़ भरे रास्ते पर मरीज को ढोने को मजबूर हुए ग्रामीण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
साहिबगंज जिला के मंडरो प्रखंड अंतर्गत खैरवा पंचायत के अमड़ाबेडो गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था ने एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत सामने ला दी है।सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बीमार महिला को खटिया पर लादकर अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर होना पड़ा।ग्रामीणों के अनुसार,अमड़ाबेडो गांव की रहने वाली सुरजी पहाड़ीन की अचानक तबीयत खराब हो गई।गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों ने उन्हें अमड़ाबेडो से रानीडीह तक खटिया पर ढोकर लाया,जहां से उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंडरो ले जाया गया।बारिश के कारण कच्चे रास्ते में कीचड़ और फिसलन ने मरीज और ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी। तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीण कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते पर खटिया के सहारे मरीज को कंधे पर उठाकर ले जा रहे हैं।ऐसी स्थिति में एंबुलेंस या अन्य वाहन का गांव तक पहुंचना नामुमकिन है।यह स्थिति सिर्फ सड़क की बदहाली नहीं,बल्कि ग्रामीण और विशेष रूप से आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के लोगों के सामने मौजूद स्वास्थ्य और आवागमन की गंभीर समस्या को भी उजागर करती है।समय पर वाहन और एंबुलेंस नहीं पहुंच पाने से मरीज की जान पर भी खतरा बन रहता है।ग्रामीणों का सवाल है कि जब किसी व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल जाना हो और उसे एंबुलेंस के बजाय खटिया ही एंबुलेंस बनाकर ले जाना पड़े,तो आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है?वही ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से अमड़ाबेडो से रानीडीह सहित क्षेत्र की खराब सड़कों की जांच कर सड़क को दुरुस्त कराने तथा आपात स्थिति में एंबुलेंस की पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है।



