गोड्डा
पेड़ काटकर गायब करने के मामले में एक महीने बाद प्राथमिकी दर्ज
जांच में बड़े अधिकारी की भूमिका पर भी नजर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
पथरगामा। पथरगामा प्रखंड परिसर स्थित एफसीआई गोदाम के समीप तीन हरे-भरे वृक्षों को काटकर गायब किए जाने के मामले में लंबी जद्दोजहद के बाद पथरगामा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना के करीब एक माह बाद 25 अगस्त को अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपायुक्त, गोड्डा के ज्ञापांक 426/03.08.2026 के निर्देश, प्रभारी उपसमाहर्ता एवं उपायुक्त गोपनीय शाखा गोड्डा के पत्रांक 456/18.08.2026 तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी पथरगामा के ज्ञापांक 963/20.08.2026 के आधार पर मामले की जांच कराई गई। वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी, गोड्डा एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल के फोटोग्राफ सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखा गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी पथरगामा की ओर से अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पथरगामा थाना में कांड संख्या 91/2026 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन एवं राजस्व उप निरीक्षक घटनास्थल पर पहुंचे और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की। पुलिस प्रशासन ने कहा कि घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, वृक्ष काटने की घटना 27 जुलाई 2026 को हुई थी, जबकि प्राथमिकी 25 अगस्त को दर्ज की गई। स्थानीय स्तर पर यह भी बताया जा रहा है कि मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब पूर्व पथरगामा थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह ने काटी गई लकड़ी को पकड़ा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लकड़ी नहीं पकड़ी जाती तो संभवतः पूरी लकड़ी बिना किसी आदेश के गायब हो जाती।
अब पुलिस जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तीनों वृक्षों को किसके आदेश या मिलीभगत से काटा गया और काटी गई लकड़ी को कहां ले जाया गया। मामले में किसी बड़े व्यक्ति या अधिकारी की संलिप्तता है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



