बाराबंकी
राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रहलाद को मिली जापानी व्हीलचेयर
जिलाधिकारी ने भेंट की, कई अधिकारियों ने किया सहयोग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बाराबंकी : आज दिनांक 31 अगस्त 2026 के दिन जिलाधिकारी कार्यालय में जापान में बनी मतसुंगा बैडमिंटन व्हीलचेयर को जिलाधिकारी ईशान प्रताप जी के हाथों राष्ट्रीय खिलाड़ी सिर्फ प्रहलाद को प्रदान की गई
बताते चले कि इस व्हीलचेयर को जापान से मंगाने में फतेहपुर एसडीएम श्री कार्तिकेय सिंह जी तथा जिलाधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट श्री शशि भूषण सिंह जी वह पूर्व जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा
इस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप जी ने माल्यार्पण कर हार्दिक बधाई दी और अपने हाथों से व्हीलचेयर उपलब्ध कराई ।
यह हाईटेक व्हीलचेयर ना होने की वजह से खिलाड़ी को राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता था लेकिन निराशा हाथ लगती थी इसके बावजूद भी कभी हार नहीं मानी और साधारण व्हीलचेयर से प्रदेश के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया जिसके फल स्वरुप जिले के आइकॉन के रूप में मनोनीत किया गया
तराई क्षेत्र के बाढ़ ग्रस्त एरिया से आने वाले श्री प्रहलाद का जीवन अत्यंत संघर्ष पूर्ण रहा 5 साल की उम्र में गलत इंजेक्शन की वजह से पैरालाइज हो गए और तब से वह हाथों के बल जमीन पर चलते थे।
इन सबके बावजूद भी उन्होंने परिश्रम को गले लगाया और दिन-रात मेहनत करने लगे बाढ़ में तैर करके विद्यालय में पढ़ने जाते थे उसके बाद इंटरमीडिएट फर्स्ट ग्रेड से पास होने के बाद लखनऊ में डॉक्टर शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में दाखिला लिया यहां तक प्रह्लाद ने कभी नहीं सोचा था कि वह कभी इस स्तर के खिलाड़ी बन पाएंगे । लेकिन प्रहलाद के देश प्रेम व कठिन परिश्रम करने के जुनून ने उनके जज्बे को तब जागृत किया जब उन्हें पता चला की पैरालाइज हो तो क्या हुआ आर्मी ही एक रास्ता नहीं है आप स्पोर्ट्स के क्षेत्र में जाकर के भी देश के लिए मेडल लाकर देश को गौरवान्वित कर सकते हो । उस दिन से उन्होंने व्हीलचेयर को हथियार बनाया और कूद गए बैडमिंटन के खेल में आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण कई जगह से उन्हें सहायता लेनी पड़ी कई संस्थाओं ने उनकी मदद की मजदूरी किया लेकिन मेहनत करने की भावना ने उन्हें सन 2025 में प्रदेश के लिए खेलो इंडिया पर गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त हुआ साधारण व्हीलचेयर से गेम खेलना आसान नहीं था लेकिन उसके बावजूद भी मेहनत का परिचय दिया और इंपॉसिबल को पॉसिबल कर दिखाया इसी कारण तत्कालीन जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी ने उनकी प्रतिभा को समझा और मदद के लिए आगे आए उन्होंने न सिर्फ व्हीलचेयर दिलाने का वादा किया बल्कि तुरंत इसकी जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को दे दी गई जिसमें फतेहपुर के उप जिलाधिकारी श्री कार्तिकेय सिंह तथा शशि भूषण सिंह पर्सनल असिस्टेंट जी थे इन्होंने अपने बेटे की तरह प्यार देकर के कोका-कोला कंपनी को इसके लिए मनाया और 435000 की बैडमिंटन व्हीलचेयर जापान से मंगवाई गई। बताते चले कि प्रहलाद अंतरराष्ट्रीय स्तर की थाईलैंड में होने वाली चैंपियनशिप में प्रतिभाग करना चाह रहे हैं लेकिन उन्हें स्पॉन्सरशिप की तलाश है अगर स्पॉन्सरशिप मिल गई तो वह निश्चय ही देश के लिए गोल्ड मेडल जीत कर लेंगे और संपूर्ण देश को गौरवान्वित करेंगे



