सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन पर झामुमो कार्यालय में शोक सभा, जिलाध्यक्ष ने जताई गहरी संवेदना
Condolence meeting held at JMM office following the sudden demise of Sudivya Kumar; District President expresses deep condolences.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन से झारखंड के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन को राजनीतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। वही सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सभी कार्यालयों में सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक सभा आयोजित की गई। इसी क्रम में जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम के नेतृत्व में शोक सभा का आयोजन झामुमो कार्यालय, धनुष पूजा में किया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक सभा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम ने कहा कि सुदिव्य कुमार का असामयिक निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान की भरपाई करना संभव नहीं है। उनके निधन से झामुमो परिवार को गहरा आघात पहुंचा है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस होती रहेगी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। शोक सभा में सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, प्रखंड अध्यक्ष मुसलेहुद्दीन शेख, केंद्रीय समिति सदस्य उमर फारूक, केंद्रीय समिति सदस्य मिथिलेष घोष, जिला सह सचिव जहूर आलम, महिला मोर्चा जिला सचिव सुशीला देवी, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष कदम रसूल, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला सचिव दिलीप मरांडी, नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह, पाकुड़ प्रखंड अध्यक्ष मुसलोद्दीन शेख, सचिव राजेश सरकार, लिट्टीपाड़ा प्रखंड अध्यक्ष प्रसाद हाँसदा, अमड़ापाड़ा प्रखंड अध्यक्ष श्यामलाल हाँसदा, सचिव जहीरुद्दीन मियां, बुद्धिजीवी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष प्रकाश सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष सगीर अंसारी, जिला कार्यकारिणी सदस्य मंटू भगत, जिला कार्यकारिणी सदस्य अली हुसैन अंसारी, जिला सदस्य फिलीप मुर्मू, पाकुड़ प्रखंड उपाध्यक्ष अजफारुल शेख, अमड़ापाड़ा प्रखंड उपाध्यक्ष ईमरान अंसारी, जिला मीडिया प्रभारी आफताब आलम, सोनू आलम, मोसरर्फ हुसैन, फुरकान शेख, सबूर अंसारी, इमदादुल अंसारी, अबुल कलाम, आलमगीर आलम, जाकिर हुसैन, रविनाथ टुडू, कोर्नेलियुस मुर्मू, ईस्लाम अंसारी, मोबारक हुसैन सहित अन्य वरिष्ठ व सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित थे।


