बुलंदशहर
मासूम अल्फेज की मौत से जागा स्वास्थ्य विभाग
झोलाछाप का क्लीनिक सील बिना डिग्री बिना रजिस्ट्रेशन कर रहा था मरीजों की जान से खिलवाड़

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
औरंगाबाद बुलंदशहर : सईदगढी में दस साल के मासूम, बुखार पीड़ित बच्चे अल्फेज की झोलाछाप के इलाज से हुई मौत पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भावसी रोड़ पर एक क्लीनिक को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की इस कड़क कार्रवाई से कस्बे के झोलाछापों में हड़कंप मच गया और अनेक चिकित्सक अपने क्लीनिकों पर ताला जड़ खिसक लिए।
मौहल्ला सईदगढी निवासी अनीस शेख का पुत्र अल्फेज को, जो कि मौहल्ले के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था, बुखार आ गया। उसके गले में गांठ दिखाई पड़ने पर परिजनों ने उसे भावसी रोड़ स्थित एक निजी चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने दवा दे दी। लेकिन शुक्रवार को अल्फेज को तेज बुखार हो गया परिजनों ने उसे सईदगढी मौहल्ले में स्थित एक निजी चिकित्सक को दिखाया तो उसने बर्फ की पट्टी रखवाकर अपने क्लीनिक पर इलाज शुरू कर दिया। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी पर ले जाकर चिकित्सक को दिखाया तो उन्होने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों नेए गमगीन माहौल में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।
मामला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में आया तो उन्होने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी के अस्पताल अधीक्षक डॉ हरेंद्र सिंह को मामले की जांच करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डॉ हरेंद्र सिंह ने डाक्टर प्रशांत सिंह को मौके पर भेजकर जांच करने के निर्देश दिए। डॉ प्रशांत सिंह ने भावसी रोड़ स्थित चिकित्सक के क्लीनिक पर पहुंचकर चिकित्सक से डिग्री और रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र दिखाने को कहा लेकिन चिकित्सक कोई भी वैध चिकित्सीय प्रमाणपत्र दिखाने में असमर्थ रहा। जिसके चलते क्लीनिक पर सील लगा दी गई। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया।
डॉ हरेंद्र सिंह ने बताया कि सी एम ओ के आदेश पर डॉ वीर सिंह का क्लीनिक सील किया गया है।



