बैंक डकैती का मुख्य आरोपी फंटूस बिहार से गिरफ्तार
पीयूषराज जायसवाल की योजना पर साथियों के साथ की थी रेकी, डकैती के बाद झारखंड में छोड़ दी थीं बाइकें

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली- सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बीते 17 अप्रैल को हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में सिंगरौली पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने डकैती के मुख्य आरोपियों में शामिल फंटूस कुमार यादव उर्फ ननकी पिता रामइकबाल यादव उम्र 22 वर्ष को बिहार के नालंदा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर 79 हजार रुपए नकद, मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त दो अपाचे मोटरसाइकिल और हेलमेट बरामद किया गया है।पुलिस के अनुसार फंटूस कुमार यादव पिता रामइकबाल यादव निवासी खीरूबिगहा, जिला नालंदा (बिहार) बैंक डकैती के बाद से फरार चल रहा था। उसे 1 सितंबर को हिलसा बाजार, थाना हिलसा, जिला नालंदा बिहार से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बैंक डकैती की पूरी वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण राज खोले हैं।
डकैती से पहले की थी घटनास्थल की रेकी
पुलिस पूछताछ में फंटूस ने बताया कि बैंक डकैती की योजना पीयूषराज जायसवाल ने बनाई थी। योजना के मुताबिक वह अपने साथी कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू के साथ घटना से कुछ दिन पहले सिंगरौली आया था। यहां आरोपियों ने बैंक और आसपास के इलाके की रेकी की। इसके बाद तय योजना के अनुसार 17 अप्रैल को बैंक में डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया।वारदात के बाद आरोपी मोटरसाइकिलों से फरार हुए। भागते समय आरोपियों ने घटना में प्रयुक्त दोनों मोटरसाइकिलों को झारखंड के गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र में लावारिस हालत में छोड़ दिया था।
तालाब के पास मिली थीं दोनों बाइक
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद 25 अप्रैल 2026 को मेराल थाना क्षेत्र में तालाब के पास दो मोटरसाइकिल और एक हेलमेट लावारिस हालत में मिले थे। मेराल पुलिस ने इन्हें सुरक्षा की दृष्टि से थाने में रख लिया था। सिंगरौली पुलिस ने आरोपी से पूछताछ और पुलिस रिमांड के बाद इन दोनों मोटरसाइकिलों को बरामद कर जब्त किया है।
इस बरामदगी को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे डकैती के बाद आरोपियों द्वारा अपनाए गए फरारी के रास्ते और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों की कड़ी सामने आई है।
हिस्से में मिले पैसों में से 79 हजार बरामद
पुलिस ने फंटूस से पूछताछ के बाद उसके हिस्से में आए डकैती के रुपयों में से 79 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर डकैती की रकम और अन्य लूटे गए माल के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर मामले में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
बिहार से लगातार जुड़ रहे डकैती के तार
बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती की जांच में सिंगरौली पुलिस पहले भी बिहार से आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब मुख्य आरोपी फंटूस कुमार की गिरफ्तारी से पुलिस को डकैती की साजिश, रेकी, वारदात को अंजाम देने और घटना के बाद फरारी के रास्ते से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत और उपपुलिस महानिरीक्षक हेमंत सिंह चौहान के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. के मार्गदर्शन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा और नगर पुलिस अधीक्षक हेमन्त कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को नालंदा बिहार से गिरफ्तार किया।
इनकी रही भूमिका
कार्रवाई में उपनिरीक्षक शिवम सिंह चौहान, विनय शुक्ला, उदयचंद करिहार, उपनिरीक्षक पवन सिंह, अमन वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक अरविंद द्विवेदी, मुनीन्द्र देव पाण्डेय, प्रधान आरक्षक राय सिंह, अनूप मिश्रा, आशीष त्रिपाठी, प्रशांत विश्वकर्मा तथा आरक्षक गौतम कुमार का सराहनीय योगदान रहा।
डकैती के बाद से फरार था आरोपी
बैंक डकैती के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। फंटूस की गिरफ्तारी और उसकी निशानदेही पर बाइक, हेलमेट व नकदी की बरामदगी के बाद अब पुलिस की नजर उन आरोपियों पर है, जो अभी फरार हैं। पुलिस पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और लूट के माल की तलाश में जुटी है।




