
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित मकुंदी गांव निवासी अशोक यादव की 32 वर्षीय पत्नी नीलम देवी की एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान संदेहास्पद परिस्थिति में मौत हो गई। घटना नहर चौक पर स्थित ‘सूर्या नर्सिंग होम’ की है, जहां पांच माह से अधिक की गर्भवती महिला का गर्भपात कराया जा रहा था।
रक्तस्राव के बाद लाया गया था अस्पताल
परिजनों के अनुसार, नीलम देवी को बीती रात से ही अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। स्थिति में सुधार न होते देख परिजन उसे तुरंत नहर चौक स्थित सूर्या नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। अस्पताल के संचालक डॉ. एस. एस. सोरेन ने जांच के बाद गर्भ में ही शिशु की मौत होने की बात कही और महिला का गर्भपात शुरू कर दिया।
इलाज के दौरान मौत, सदर अस्पताल किया रेफर
गर्भपात की प्रक्रिया के दौरान ही महिला की स्थिति बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद डॉक्टर ने आनन-फानन में महिला को सदर अस्पताल गोड्डा भेज दिया। सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. रंजन कुमार ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, जानकारी के बाद नर्सिग होम के संचालक व अन्य कर्मी अपने नीजी अस्पताल में ताला लगाकर मौके से फरार हो गए।
बिना पोस्टमार्टम शव ले गए परिजन, सौदेबाजी की चर्चा
घटना के बाद इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया। सदर अस्पताल में मौत की पुष्टि होने के बावजूद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही उसे घर ले गए। सूत्रों का कहना है कि कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव और आरोपी चिकित्सक द्वारा परिजनों को एक मोटी रकम देने के आश्वासन के बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। इसी समझौते के चलते परिजन इस घटना पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे है।
कहते हैं गोड्डा के सिविल सर्जन
इस संबंध में सीएस डॉ सुभाष चंद्र शर्मा ने इस मामले में कहा कि जांच पड़ताल किया जा रहा है। जो भी दोषी होगा, कारवाई की जायेगी।



