उत्तम आर्जव धर्म अपनाकर जीवन में सरलता लाने का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। श्री श्वेतांबर जैन स्थानक मंदिर में चातुर्मास के दौरान संघ संचालक नरेश मुनि गुरुदेव ने दस लक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में सरलता अपनाना ही उत्तम आर्जव धर्म का सार है। मन, वचन और काया में एकरूपता होना सच्ची सरलता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी वस्तु की गांठ धैर्य और सरलता से खोली जाती है, उसी प्रकार जीवन की कठिनाइयों का समाधान भी बिना जोर-जबरदस्ती के करना चाहिए। मनुष्य को आलोचना और निंदा से बचना चाहिए। निपुण मुनि ने कविता के माध्यम से संदेश दिया, जबकि नवनीत मुनि ने निंदा से उत्पन्न मानसिक क्लेश और दूषित विचारों से बचने का आह्वान किया। प्रवचन सुनने के लिए दिल्ली, सहारनपुर, मेरठ, बड़ौत, कांधला, मुजफ्फरनगर और खेकड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पहुंचे।

