‘हमारा खनिज, हमारा अधिकार’ के नारों से गूंजा धरनास्थल; राष्ट्रपति के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
Protest site echoes with slogans of ‘Our minerals, our rights’; memorandum addressed to the President submitted to the BDO.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़/महेशपुर। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झामुमो प्रखंड समिति, महेशपुर की ओर से कल्याण छात्रावास परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल वदूद ने किया, जबकि मंच संचालन प्रखंड सचिव जेम्स सुशील हेंब्रम ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी शामिल हुए। उनके साथ झामुमो जिला सचिव माईकिल मुर्मू, जिला संगठन सचिव अनारूद्दीन मियां, सांसद प्रतिनिधि कुणाल अल्फ्रेड हेंब्रम, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष जोसेफिना हेंब्रम, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रूहुल अमीन समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “खनिज हमारा, फैसला हमारा”, “हमारा खनिज, हमारा अधिकार” और “खान एवं खनिज संशोधन कानून वापस लो” जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने संशोधन कानून को झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जोड़ते हुए इसका विरोध किया। विधायक बोले- झारखंड के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का MMDR संशोधन कानून झारखंड की खनिज संपदा से जुड़े राज्य के राजस्व हितों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास एवं जनकल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों की रक्षा के लिए झामुमो लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के भूमि एवं खनिज अधिकार या खनिजों पर राज्यों को मिलने वाला कर राजस्व समाप्त नहीं होता। केंद्रीय सरकार के अनुसार खनन क्षेत्र से होने वाले कुल कर एवं वैधानिक भुगतानों का लगभग 90 प्रतिशत राज्यों को प्राप्त होता है और यह व्यवस्था जारी रहेगी। झामुमो जिला सचिव माईकिल मुर्मू, प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल वदूद, जिला संगठन सचिव अनारूद्दीन मियां, सांसद प्रतिनिधि कुणाल अल्फ्रेड हेंब्रम, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष जोसेफिना हेंब्रम एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रूहुल अमीन ने भी सभा को संबोधित किया।
पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर राज्य के हितों और अधिकारों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी। गौरतलब है कि 2026 के संशोधन में केंद्र सरकार को खनिज-युक्त भूमि के नियमन से संबंधित अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं। साथ ही राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों या खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने को केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन किया गया है। धरना-प्रदर्शन के बाद प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल वदूद के नेतृत्व में झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में MMDR संशोधन कानून पर पुनर्विचार करने तथा झारखंड के खनिज संसाधनों एवं राज्य के संवैधानिक हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। कार्यक्रम में झामुमो के विभिन्न प्रखंड एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी, युवा एवं महिला मोर्चा के कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।



