मजदूरों के हक में ₹3.18 करोड़ का आदेश
SBI एटीएम पर कार्यरत कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन और ओवरटाइम विवाद में 14 सितंबर को फैसला

ग्रामीण विकास श्रमिक संघ ने बताया ऐतिहासिक जीत; SBI से ₹2.56 करोड़ और CISS से ₹61.71 लाख भुगतान का दावा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। बोकारो में SBI एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था में कार्यरत मजदूरों के न्यूनतम वेतन और ओवरटाइम भुगतान से जुड़े विवाद में बड़ा आदेश सामने आया है। ग्रामीण विकास श्रमिक संघ के अनुसार, रीजनल लेबर कमिश्नर (केंद्रीय) सह अथॉरिटी, धनबाद के समक्ष चले मामले में 14 सितंबर 2026 को आदेश पारित किया गया। संगठन का दावा है कि आदेश के तहत संबंधित मामलों में कुल ₹3,18,66,676 के भुगतान का प्रावधान किया गया है।
मामला CISS (Central Investigation Security Services Limited) के तहत SBI एटीएम पर कार्यरत कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन एवं ओवरटाइम भुगतान से जुड़ा था। संगठन के अनुसार, मजदूरों की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मामले में कई दौर की सुनवाई और सुलह प्रक्रिया हुई। इसके बाद अथॉरिटी ने 14 सितंबर को अपना आदेश सुनाया।
SBI मद में ₹2.56 करोड़ की राशि
संगठन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, आदेश में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बोकारो से संबंधित मद में ₹2,56,95,356 की राशि का उल्लेख है। संगठन ने इसे तीन गुना फाइन सहित निर्धारित राशि बताया है।
वहीं, CISS कंपनी से संबंधित मद में ओवरटाइम, फाइन और मुआवजा आदि के रूप में ₹61,71,293 भुगतान का आदेश बताए जाने की जानकारी दी गई है।
दोनों मदों को मिलाकर संगठन के अनुसार कुल राशि ₹3,18,66,676 है।
तीन पदाधिकारियों के नेतृत्व में उठाया गया मामला
ग्रामीण विकास श्रमिक संघ (झारखंड प्रदेश-भारतीय मजदूर संघ) के केंद्रीय अध्यक्ष के.एन. सिंह, महामंत्री मकरू महतो और बोकारो जिला अध्यक्ष आर्यन महतो के नेतृत्व में मामले को उठाए जाने की बात संगठन ने कही है।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि मजदूरों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम और अन्य वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए लगातार कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से संघर्ष किया गया। संघ ने आदेश को मजदूरों के अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संबंधित कर्मचारियों को बधाई दी।
‘मजदूरों के अधिकारों की जीत’
ग्रामीण विकास श्रमिक संघ ने कहा कि यह फैसला मजदूरों के वैधानिक अधिकारों की लड़ाई का परिणाम है। संगठन ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों से जुड़े मामलों में आगे भी कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी।
संघ ने मामले की सुनवाई करने वाले रीजनल लेबर कमिश्नर (केंद्रीय) सह अथॉरिटी, धनबाद के प्रति भी आभार व्यक्त किया।




