
नई दिल्ली। एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार ने एसआईआर प्रक्रिया और एमपीएससी छात्र आंदोलन पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एसआईआर की मांग पूरे राज्य में है और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई का वे समर्थन करेंगे। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री से आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (एनसीपी-एसपी) प्रमुख शरद पवार ने रविवार को पुणे में महाराष्ट्र की विशेष गहन पुनरीक्षण (रकफ) प्रक्रिया और एमपीएससी आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रकफ को लेकर उठ रही मांग सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि पुणे, नागपुर और राज्य के कई दूसरे हिस्सों में भी इसे लेकर आवाज उठ रही है।
पुणे में एमपीएससी आंदोलन को लेकर शरद पवार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पूरे राज्य में छात्रों के बीच बेचैनी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि पुणे, मुंबई और कई अन्य जगहों पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा, छात्रों की कुछ मांगें हैं और उन्होंने पुणे में आंदोलन शुरू किया है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और समाधान निकालने के लिए कदम उठाने चाहिए।
शरद पवार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वह देख रहे हैं कि कुछ छात्र परेशान हैं, चाहे वे आंदोलन में शामिल हों या नहीं। उन्होंने बताया कि रविवार को छात्रों के कुछ प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की और अपनी मांगों के बारे में बताया।
शरद पवार ने कहा कि छात्रों ने अपनी बात उनके सामने रखी और उम्मीद जताई कि उनकी चिंताओं को सुनने के बाद समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को देखते हुए बातचीत जरूरी है।
उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री और सरकार के प्रतिनिधियों को छात्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए। बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और आगे का रास्ता निकाला जाना चाहिए।ह्व
शरद पवार ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की है। हालांकि, उस समय मुख्यमंत्री मुंबई में नहीं थे। पवार ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुंबई लौटने के बाद इस मामले को देखने और छात्रों से बातचीत करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री से छात्रों से मिलने की अपील
शरद पवार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री को खुद छात्रों से मिलकर उनके साथ बैठक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर फैसला राज्य सरकार और उसके प्रमुख को लेना है। उन्होंने कहा, छात्रों को न्याय दिलाना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।
शरद पवार ने बताया कि उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री से बात की है और मुख्यमंत्री के सोमवार को मुंबई लौटने की उम्मीद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री छात्रों के साथ बातचीत करेंगे और इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे।
उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री को छात्रों से बात करनी चाहिए। सरकार का फैसला हमें कल पता चलेगा। मुझे उम्मीद है कि छात्रों की चिंताओं को दूर किया जाएगा और इस मुद्दे का समाधान निकलेगा।



