
यात्री कर अधिकारी पर बेवजह चालान काटने और पीछा करने के दौरान हादसे का आरोप
जांच के आश्वासन पर खुला जाम
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। सोमवार सुबह नेशनल हाईवे-44 पर वाहन चालकों के चक्का जाम के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। कैलागुवां तिराहे से रामनगर सुरई घाट तिराहे के बीच वाहन चालकों ने हंगामा करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। सुबह करीब दो घण्टे तक चले चक्काजाम के कारण हाईवे के दोनों ओर करीब पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम लगाने वाले वाहन चालकों ने परिवहन विभाग की यात्री कर अधिकारी लिलि चौधरी पर वाहन चालकों को परेशान करने और बेवजह चालान काटने के आरोप लगाए। प्रदर्शन कर रहे वाहन चालक प्रकाश साहू ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग द्वारा लगातार वाहनों की चेकिंग के नाम पर चालान किए जा रहे हैं, जिससे वाहन चालक परेशान हैं। प्रकाश साहू ने यह भी आरोप लगाया कि सोमवार को यात्री कर अधिकारी एक पिकअप वाहन का पीछा कर रही थीं और इस दौरान वह गलत साइड से वाहन का पीछा कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान पिकअप अनियंत्रित होकर एक ट्रैक्टर से जा टकराई। हालांकि, हादसे और पीछा करने से संबंधित इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हाईवे पर जाम और वाहन चालकों के हंगामे की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी आलोक तिवारी तथा शहर कोतवाल अनुराग अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित वाहन चालकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। काफी देर तक समझाइश और बातचीत के बाद अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद वाहन चालक शांत हुए और करीब पौने दो घंटे बाद हाईवे पर यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी। जाम समाप्त होने के बाद हाईवे पर फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकाला गया। मामले को लेकर एआरटीओ आकिब खुर्शीद ने कहा कि यात्री कर अधिकारी पर लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हाईवे पर अचानक लगे जाम से करीब पौने दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। फिलहाल पूरे मामले में परिवहन विभाग की जांच और उसके निष्कर्ष पर सभी की नजर है।



