खैरथल

पंचायती राज चुनाव-2026 के कार्यक्रम के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी कि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल-तिजारा। पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अतुल प्रकाश ने मंगलवार को जिले के राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी राजनैतिक दलों का सहयोग आवश्यक है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं आदर्श आचरण संहिता (एमसीसी) की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सभी राजनैतिक दल एवं अभ्यर्थी चुनाव प्रचार के दौरान मर्यादित आचरण रखें तथा किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हो। साथ ही प्रचार-प्रसार, सभाओं, जुलूसों एवं अन्य चुनावी गतिविधियों के दौरान निर्धारित नियमों एवं अनुमति संबंधी प्रावधानों की पालना सुनिश्चित की जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि निर्वाचन से संबंधित किसी भी समस्या के लिए प्रशासन एवं निर्वाचन अधिकारियों से समन्वय बनाए रखें। बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की तथा आवश्यक सुझाव भी दिए।
आम चुनाव कार्यक्रम—
जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनावी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि जिला परिषद सदस्य पदों के लिए लोक सूचना 8 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 14 अक्टूबर 2026 को होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित है तथा इस दिन अपराह्न 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। चुनाव चिन्हों का आवंटन 15 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
जिला परिषद सदस्य पदों के लिए जिले में मतदान तृतीय एवं चतुर्थ चरणों में होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित आदेश के पश्चात तृतीय चरण का मतदान किशनगढ़बास, तिजारा पंचायत समितियो लिए 3 नवंबर 2026 को होगा तथा चतुर्थ चरण का मतदान मुंडावर, कोटकासिम, टपूकड़ा, ततारपुर के लिए 14 नवंबर 2026 को होगा। मतदान का समय प्रातः 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। दोनों चरणों में हुए मतदान की मतगणना 20 नवंबर 2026 को की जाएगी।
पंचायत समिति सदस्य पद के लिए तृतीय चरण की लोक सूचना 19 अक्टूबर 2026 तथा चतुर्थ चरण की लोक सूचना 31 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। तृतीय चरण के नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2026 तथा चतुर्थ चरण के लिए 4 नवंबर 2026 को होगी तथा तृतीय चरण के नामांकन पत्रों की संवीक्षा 24 अक्टूबर 2026 तथा चतुर्थ चरण के लिए 5 नवंबर 2026 को की जाएगी। तृतीय चरण के लिए अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर 2026 तथा चतुर्थ चरण के लिए 6 नवंबर 2026 है और दोनों दिन अपराह्न 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी। चुनाव चिन्हों का आवंटन तृतीय चरण के लिए 26 अक्टूबर 2026 तथा चतुर्थ चरण के लिए 6 नवंबर 2026 को अभ्यर्थिता वापसी का समय समाप्त होने के तुरंत पश्चात किया जाएगा।
पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए जिले में मतदान तृतीय एवं चतुर्थ चरणों में होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित आदेश के पश्चात तृतीय चरण का मतदान किशनगढ़बास, तिजारा पंचायत समितियो के लिए 3 नवंबर 2026 को होगा तथा  चतुर्थ चरण का मतदान मुंडावर, कोटकासिम, टपूकड़ा, ततारपुर के लिए 14 नवंबर 2026 को होगा। मतदान का समय प्रातः 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। दोनों चरणों में हुए मतदान की मतगणना 20 नवंबर 2026 को की जाएगी।
 पंच/सरपंच के लिए तृतीय चरण की लोक सूचना 19 अक्टूबर 2026 तथा चतुर्थ चरण की लोक सूचना 31 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया के लिए बैठक प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगी। नामांकन पत्र प्रातः 11 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे तथा नामांकन पत्रों की संवीक्षा प्रातः 11.30 बजे से होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने का समय अपराह्न 2 बजे तक रहेगा। राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित आदेश के पश्चात चुनाव चिन्हों का आवंटन तृतीय चरण के लिए 04 नवंबर 2026 को तथा चतुर्थ चरण के लिए 15 नवंबर 2026 को अभ्यर्थिता वापसी का समय समाप्त होने के तुरंत पश्चात किया जाएगा।     राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित आदेश के पश्चात पंच/सरपंच के लिए मतदान तीसरे चरण के लिए 05 नवंबर 2026 को कराया जाएगा तथा चौथे चरण के लिए 16 नवंबर 2026 को प्रातः 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा तथा मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी।
जिले में 5 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान—
7 पंचायत समितयो के 180 ग्राम पंचायतों एवं 1728 वार्डों में इन चुनावों में लगभग 546345 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 286818 पुरुष, 259527 महिला मतदाता शामिल हैं। जिले में कुल 664 पोलिंग बूथ है।
जिले में मतदान के लिए पहचान दस्तावेज—
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले के लगभग सभी मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। मतदान के समय मतदाता को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता किसी कारण से फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो आयोग द्वारा अनुमोदित 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदान किया जा सकेगा।
इन वैकल्पिक दस्तावेजों में आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बैंक अथवा डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड/आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र/राज्य सरकार, लोक उपक्रम अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसद एवं विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र तथा यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में केवल वही दस्तावेज मान्य होंगे जो नगरपालिका निर्वाचन की घोषणा से पूर्व जारी किए गए हों। आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि मतदान के समय इनमें से कोई एक वैध पहचान दस्तावेज अपने साथ अवश्य लेकर आएं।
मतदाता सहायता केन्द्र—
मतदान दिवस पर मतदान भवन के समीप मतदाताओं की सहायता के लिए मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों पर बूथ लेवल अधिकारी स्तर के कार्मिक नियुक्त किए जाएंगे। नए परिसीमन के कारण वार्डों की सीमाओं एवं मतदान केन्द्रों में परिवर्तन संभव है। मतदाता सहायता केन्द्र पर मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना क्रमांक तथा संबंधित बूथ की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
24×7 चुनाव नियंत्रण कक्ष—
जिला स्तर पर चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। ये नियंत्रण कक्ष 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन कार्य करेंगे। इनके माध्यम से चुनाव संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा तथा आमजन द्वारा चुनाव संबंधी गतिविधियों के बारे में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। कंट्रोल रूम का नंबर – 01460-298205 है।
अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च सीमा—
उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग तथा कटआउट, होर्डिंग, पोस्टर एवं बैनर आदि के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए आयोग द्वारा आवश्यक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट अथवा अन्य सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। लाउडस्पीकर का उपयोग रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है तथा संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से वाहन के संपूर्ण विवरण के साथ लिखित अनुमति लेना आवश्यक होगा।
आयोग द्वारा निर्धारित अधिकतम चुनाव खर्च सीमा के अनुसार जिला परिषद सदस्य के लिए 3,00,000 रुपये, पंचायत समिति सदस्य के लिए 1,50,000 रुपये तथा सरपंच के लिए 1,00,000 रुपये की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। चुनाव खर्च का पूरा विवरण परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा—
आयोग द्वारा दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग, प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा आवश्यकता के अनुसार दिव्यांग मतदाताओं को मतदान बूथ तक लाने एवं मतदान के बाद वापस छोड़ने सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
आदर्श आचार संहिता लागू—
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित पंचायती क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी।
आचार संहिता लागू होने से पहले जिन विकास कार्यों के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं अथवा जो विकास कार्य पहले से चल रहे हैं, वे आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे। वहीं नई योजनाएं, नए विकास कार्य एवं नए कार्यादेश आचार संहिता के दौरान प्रतिबंधित रहेंगे।
चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कार्मिकों की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित पंचायती क्षेत्र से होने वाले स्थानांतरण तथा संबंधित पंचायती क्षेत्रों में किए जाने वाले पदस्थापन से संबंधित स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जिले में सरकारी कार्मिकों की कमी को देखते हुए जिले के सभी सरकारी कार्मिक की निर्वाचन संबंधी ड्यूटी लगाई जाएगी। निर्वाचन ड्यूटी में नियुक्ति के बाद ड्यूटी में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा।अतः सभी कार्मिक अपनी निर्धारित निर्वाचन ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहें एवं निर्वाचन संबंधी दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन सुनिश्चित करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों, मतदाताओं एवं मीडिया से अपील की है कि शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। आयोग ने मतदाताओं से भी अपील की है कि वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button