अमेठी
चंद्रिका दास आश्रम की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद गहराया,
सी एम के पास जाने की तैयारी कर रहे सेवादार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। तिलोई में उदासीन अखाड़े से जुड़े चंद्रिका दास आश्रम की जमीन पर अवैध कब्जे का प्रकरण सुर्खियों में है। तहसील और जिला प्रशासन सेवादारों की शिकायत पर मौन है। आश्रम के सेवादार और श्रद्धालु समस्या के हल के लिए अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास जाने की तैयारी कर रहे हैं।
जीत बहादुर सिंह ने शिकायती प्रार्थना पत्र, देकर न्याय की गुहार लगाई है, तहसील एवं पुलिस प्रशासन द्वारा आश्रम को हानि पहुंचने वाले लोगों के इशारे पर आश्रम की भूमि पर कृषि कार्य करने में बाधा उत्पन्न की जा रही है, जो कि पूर्व से किया जा रहा है ।
स्थगन आदेश को लेकर परेशान करने का आरोप लग रहे आश्रम के सेवादारों का कहना है कि वह आदेश विधि सम्मत आश्रम की नित्य क्रिया एवं भूमि पर कृषि करने के लिए मना नहीं करता है, क्यों कि उसी से आश्रम का खर्च चलता है।
जब आश्रम के किसी भी सन्त, महन्थ को बेचने और वसीयत करने का अधिकार ही नहीं है,तो वसीयत का क्या मतलब।
सेवादारो,का कहना है कि तहसील प्रशासन और पुलिस न जाने किसके दबाव में काम कर रही है, उन्हें सारे साक्ष्य, उपलब्ध कराने के बावजूद भी वे आश्रम की सेवादारो की सुनने को राजी नहीं है । जब आश्रम के सेवादार तहसील समाधान दिवस में अपनी फरियाद को लेकर पहुंचे तो वहां पर भी उनकी समस्या को इग्नोर करते हुए आश्रम पर 156 की कार्रवाई करने के लिए धमकाया गया ।जबकि हाई कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता ने बताया के किसी के नाम अथवा आश्रम के नाम दर्ज जमीन पर 156 की कार्रवाही, विधि विरुद्ध है।
आश्रम के सेवादार जीत बहादुर सिंह एवं डॉक्टर मलखान सिंह, ने कहा कि भगवान की भूमि को फर्जी तरीके से कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर हड़पने का प्रयास किया जा रहा हैं।जिसकी शिकायत जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की गई है।
कोट
आश्रम के संरक्षकों के बीच ही स्वामित्व और कब्जे को लेकर विवाद है।एस एच ओ को यथास्थिति बनाए रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
अमित सिंह
एस डी एम, तिलोई




