राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस का आयोजन और संयंत्र का उद्घाटन।

अमेठी/जायस : राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान जायस परिसर में आज दिनांक 30 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।
इस विशेष अवसर पर संस्थान की सतत विकास, चक्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक अत्याधुनिक शून्य अपशिष्ट संयंत्र का उद्घाटन किया गया।
संस्थान द्वारा स्थापित ‘एकीकृत अपशिष्ट जल और बायोगैस संसाधन संयंत्र परिसर के कैंटीन और किचन से निकलने वाले कचरे को सीधे बायोगैस में परिवर्तित करेगा। इस प्रक्रिया से उत्पन्न होने वाले कचरे का उपयोग बायो-फर्टिलाइजर के रूप में किया जाएगा, जबकि उपचारित जल का उपयोग फिश पॉन्ड और सिंचाई के लिए होगा। संस्थान की यह पहल रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल के साझा संकल्प को और मजबूत करती है। इस मौके पर तमाम गणमान्य लोग रहे मौजूद।
समारोह की शुरुवात गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में शून्य अपशिष्ट संयंत्र के रिबन काटने की रस्म के साथ हुई। इसके पश्चात आगंतुकों को शून्य अपशिष्ट संयंत्र रिस्पांस और वृक्षारोपण क्षेत्र का भ्रमण कराया गया में आयोजित मुख्य समारोह में अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉक्टर रविंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संस्थान के इन प्रयासों की सराहना की संस्थान के निदेशक और संरक्षक प्रोफेसर हरीश हिरानी ने अपने उद्घाटन भाषण में इस बात पर जोर दिया कि यह संयंत्र परिसर को कचरा मुक्त बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम है कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक रवि प्रकाश और पंजाब रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक करनाल रिटायर्ड मनीष आहूजा ने भी अपने विचार साझा करते हुए संस्थान द्वारा शून्य अपशिष्ट की ओर उठाए गए कदम की सराहना की कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई कार्यक्रम में विकासखंड बहादुरपुर अमेठी के समस्त ग्रामों के ग्राम प्रधान एवं अमेठी जिले के समस्त विकास खंडों के खंडअधिकारी भी सम्मिलित हुए जिसमें उन सभी ने शून्य अपशिष्ट के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न हुई। कार्यक्रम के अंत में समन्वयक डॉक्टर नवीन मणि त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। समाज के लिए भी एक प्रेरणा के रूप में काम करेगी।


