सिंगरौली

किसान के लिए खाद बीज की व्यवस्था में बेपरवाह जिला प्रशासन: ज्ञानेंद्र द्विवेदी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 सिंगरौली। जिले में प्रचलित एक देसी कहावत तेरह कातिक, तीन आषाढ़ सिंगरौली जिला में चरितार्थ हो रही है। बोनी का समय निकलता जा रहा है, किंतु जिलेभर में खाद, बीज नदारत और प्रशानिक व्यवस्था सवालों के घेरे में है। जिले भर में सभी समितियां खाद विहीन तथा कृषि विभाग के भंडार बीज से खाली हैं। परेशान किसान भटक रहा हैं। अमानक खाद, महंगा बीज खरीदने और व्यापारियों के हाथ लूटने के लिए मजबूर है।
जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली ग्रामीण अध्यक्ष ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा है कि किसान को खेत में बीज डालने के समय में डीएपी खाद और फसल के लिए यूरिया खाद की अत्यंत आवश्यकता होती है। सहकारी समितियां क माध्यम से मिलने वाली खाद आज आषाढ़ महीना समाप्त होने के कगार पर है। किंतु जिलेभर में नदारत है। समितियां को अगर छोड़ दें तो सभी व्यापारियों के गोदाम खाद से भरे हुए हैं, जहां तक हमारी जानकारी है। खाद का उठाव, जहां से समितियो का होता है। वहीं से व्यापारियों का भी होता है। जिला प्रशासन द्वारा या तो खाद का उठाव नहीं किया जा रहा है और व्यापारियों के यहां किसान को लूटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह सोचने पर विवश कर देती है कि प्रशासनिक उदासीनता ही समस्या की वजह है। जिले भर में कृषि विभाग बीज के लिए बजट का रोना रो रहा है और सहकारिता विभाग रैक नहीं मिलने का बहाना बना कर बाजार से ही किसान को महंगे दाम पर और अमानत स्तर का खाद बीज खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button