बागपत

डूडा अधिकारी विक्रांत सिंह से नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो टीम की शिष्टाचार भेंट

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

 

बागपत | नगर के प्रशासनिक कार्यालय में शनिवार को जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के अधिकारी विक्रांत सिंह से नेशनल प्रेस टाइम्स (राष्ट्रीय समाचार पत्र) की ब्यूरो टीम ने एक शिष्टाचार भेंट की।
इस सौहार्दपूर्ण मुलाकात में वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मलानिया व यस कौशिक मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य नगर में चल रहे शहरी विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत तथा मीडिया और प्रशासन के बीच समन्वय को लेकर संवाद स्थापित करना रहा।


विकास कार्यों पर केंद्रित रहा संवाद

डूडा अधिकारी विक्रांत सिंह ने विस्तार से बताया कि बागपत शहर में प्रधानमंत्री आवास योजनाराष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशनशहरी गरीबों का पुनर्वासस्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमसड़क व नाली निर्माण, तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा:

डूडा का उद्देश्य सिर्फ योजनाएं लागू करना नहीं, बल्कि शहरी गरीबों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सामाजिक सम्मान दिलाना भी है।


पत्रकारिता की भूमिका पर साझा हुआ दृष्टिकोण

वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मलानिया ने कहा कि:

पत्रकारिता का काम केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज और शासन के बीच सेतु का काम करना है।

वहीं पत्रकार यस कौशिक ने भरोसा दिलाया कि प्रेस लोकतंत्र की मजबूत कड़ी है और नेशनल प्रेस टाइम्स जनहितकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में अपनी रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।


स्मृति चिह्न व फोटो सेशन

मुलाकात के समापन पर पत्रकारों द्वारा डूडा अधिकारी विक्रांत सिंह को स्मृति चिह्न भेंट किया गया
इसके उपरांत सभी प्रतिनिधियों ने एक सामूहिक चित्र में सहभागिता कर इस सौहार्दपूर्ण क्षण को कैमरे में कैद किया।


विक्रांत सिंह का वक्तव्य:

जब मीडिया सकारात्मक सोच के साथ समाज के मुद्दों को सामने लाता है, तो प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही स्वतः सशक्त होती है।
नेशनल प्रेस टाइम्स जैसी पत्रकार संस्थाएं यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में भागीदार बनें, तो ज़रूरतमंदों तक योजनाएं शीघ्र और प्रभावी रूप से पहुँच सकती हैं।


उपस्थित प्रतिनिधिगण

  • विक्रांत सिंह, डूडा अधिकारी
  • सुरेंद्र मलानिया, वरिष्ठ पत्रकार
  • यस कौशिक, पत्रकार
  • डूडा विभाग के कर्मचारी एवं कार्यालय स्टाफ

यह मुलाकात न केवल मीडिया और प्रशासन के बीच समन्वय की एक मिसाल बनी, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि जब दोनों संस्थाएं जनहित को सर्वोपरि मानकर मिलकर कार्य करें, तो सामाजिक विकास की दिशा में ठोस और सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं।

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