
नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति का चुनाव नौ सितंबर को होना है। चुनाव को लेकर सत्ताधारी एनडीए गठबंधन और विपक्षी गठबंधन इंडिया ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को सत्तारूढ़ गठबंधन का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है। वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया ने भी उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाने पर चर्चा शुरू कर दी है।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष ने भी तैयारी शुरू कर दी है। विपक्षी गठबंधन का साझा उम्मीदवार उतारने के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार का नाम तलाशने और आम सहमति बनाने के लिए गठबंधन के सहयोगी दलों से संपर्क कर रहे हैं। विपक्षी गठबंधन इंडिया का मानना है कि वे चुनाव में अपने दमदार प्रदर्शन के जरिये सत्ताधारी दल को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
उपराष्ट्रपति का चुनाव नौ सितंबर को होना है। चुनाव को लेकर सत्ताधारी एनडीए गठबंधन और विपक्षी गठबंधन इंडिया ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को सत्तारूढ़ गठबंधन का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है। वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया ने भी उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाने पर चर्चा शुरू कर दी है। संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श के लिए इंडिया ब्लॉक के साझेदारों के बीच बातचीत चल रही है। जबकि खरगे आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं।
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टियों के बीच आम सहमति है कि इंडिया गठबंधन उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त उम्मीदवार खड़ा करेगा। विपक्षी खेमे के एक वर्ग का मानना है कि भाजपा के उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही इंडिया गठबंधन को अपना उम्मीदवार तय करना चाहिए।
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को दिया था इस्तीफा
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन 21 अगस्त तक दाखिल किए जा सकते हैं। मतदान 9 सितंबर को होगा और मतगणना भी उसी दिन होगी। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपराष्ट्रपति के चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। धनखड़ के त्यागपत्र में कहा गया, ‘स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए मैं संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के अनुसार तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देता हूं।’
विपक्षी गठबंधन के बीच बढ़ रही एकता
हाल ही में विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल दलों के बीच एकता बढ़ी है। विपक्षी गठबंधन बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित चुनाव धांधली के खिलाफ एकजुट है। गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी गठबंधन के नेताओं की डिनर पार्टी में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। अब खरगे सोमवार को इंडिया ब्लॉक के सांसदों के लिए रात्रिभोज का भी आयोजन करेंगे।
ऐसा है दोनों सदनों का गणित
उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों वाले एक निर्वाचक मंडल की ओर से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से किया जाता है। ऐसे चुनाव में मतदान गुप्त मतदान द्वारा होता है। आगामी चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को स्पष्ट बढ़त हासिल है। 543 सदस्यीय लोकसभा में पश्चिम बंगाल के बशीरहाट की एक सीट रिक्त है, जबकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में पांच रिक्तियां हैं। राज्यसभा की पांच रिक्तियों में से चार जम्मू-कश्मीर से और एक पंजाब से है। पंजाब की यह सीट पिछले महीने हुए उपचुनाव में राज्य विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। दोनों सदनों की प्रभावी सदस्य संख्या 782 है और जीतने वाले उम्मीदवार को 391 मतों की आवश्यकता होगी, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें।



