गाजियाबाद
लोनी तहसील में अवैध मिट्टी खनन का मामला गर्माया
एक वर्ष बाद भी नहीं हुई दोषियों के खिलाफ कार्यवाही
किसानों ने सरकारी व निजी भूमि से मिट्टी खनन का लगाया आरोप, उपजिलाधिकारी लोनी से की सख्त कार्यवाही की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : लोनी तहसील के ग्राम बादशाहपुर सिरौली में अवैध मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गांव के किसानों का कहना है कि सरकारी संपत्ति सहित निजी भूमि से बिना अनुमति के मिट्टी निकालने की शिकायत उन्होंने लगभग एक वर्ष पहले की थी, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का आरोप — चकरोड, नाली और स्कूल की भूमि तक नहीं छोड़ी
ग्राम निवासी जीतराम पुत्र गोपीचंद ने 08 अक्टूबर 2024 को एक लिखित शिकायत देकर बताया कि
गांव के ही प्रहलाद पुत्र हरवंश और पवन पुत्र प्रकाश ने जेसीबी के माध्यम से निम्नलिखित स्थलों पर गहरे गड्ढे खोदकर मिट्टी निकाली 185 सरकारी चकरोड
खसरा 186 — नाली भूमि
खसरा 187 (लगभग 40 मीटर) — जनता इंटर कॉलेज सिरोली के नाम दर्ज
खसरा 188 — शिकायतकर्ता की निजी संपत्ति
शिकायत में कहा गया है कि अवैध खनन के चलते भूमि की संरचना प्रभावित हुई है और बरसात के समय दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अनियमित खनन से सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचा है।
अब राजबीर सिंह बंसल ने भी उठाई आवाज
इसी प्रकरण पर गांव के राजबीर सिंह बंसल पुत्र राजपाल बंसल ने भी उपजिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक साल से मामले को लंबित रखना प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है।
किसानों में बढ़ती बेचैनी
गहरे गड्ढों और भूमि कटान के खतरे को देखते हुए किसान काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह खनन क्षेत्र भविष्य में गंभीर हादसों का कारण बन सकता है।
अधिकारियों की चुप्पी से ग्रामीण नाराज
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों से मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
