सिंगरौली
सीएम हेल्पलाइन में कम प्रगति देने वाले चार अधिकारियों का सात दिवस का वेतन काटने के निर्देश
छात्रावासों में लापरवाही पर अधीक्षकों के विरुद्ध होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान CM हेल्पलाइन की अक्टूबर माह की लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। समीक्षा में चार जिलाधिकारियों द्वारा शिकायतों के निराकरण में न्यूनतम प्रगति पाए जाने पर कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और सात दिवस का वेतन काटने के निर्देश जारी किए।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि पूर्व में कलेक्टर द्वारा प्रगति लाने हेतु संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ, जिससे जिले की रैंकिंग प्रभावित हुई। इसके लिए निम्न अधिकारियों का 7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश जारी किए गए—
जिन अधिकारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए गए—
1. पी.सी. चन्द्रवंशी, जिला आपूर्ति अधिकारी
2. जीतेन्द्र गुप्ता, महिला एवं बाल विकास अधिकारी
3. मिथिलेश कुमार इवने, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग
4. एन.के. पटेल, प्राचार्य आईटीआई
छात्रावासों में मिली अनियमितताएं — अधीक्षकों पर होगी कार्रवाई
जिलास्तरीय निरीक्षण दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार कई छात्रावासों में व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन छात्रावासों की मरम्मत हेतु प्रस्ताव भेजे गए हैं, उनका भौतिक सत्यापन एवं प्राक्कलन तैयार किया जाए।
साथ ही जिन छात्रावासों में लापरवाही पाई गई, उनके अधीक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को छात्रावासों का नियमित निरीक्षण जारी रखने को कहा गया।
धान उपार्जन, खाद उपलब्धता एवं खाद्य सामग्री की जांच पर कलेक्टर के निर्देश
कलेक्टर ने धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था, फसल कटाई प्रगति, कोदो–कुटकी पंजीयन की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा—
“किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी केंद्रों की व्यवस्था व्यवस्थित रखें। मेरा भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा।”
उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से बाज़ार में उपलब्ध खाद्य सामग्री, विशेषकर दूध से निर्मित उत्पादों के नियमित सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएं।
जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, तथा पराली जलाने की शिकायतों पर जांच कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर माइकल तिर्की, नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद डामोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



