
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। सूफी टोला में गुड मैरिज हॉल और एवान-ए-फरहत बरातघरों पर बीते दो दिन से चल रही बरेली विकास प्राधिकरण की बुलडोजर कार्रवाई आखिरकार थम गई। तीसरे दिन भी बरेली विकास प्राधिकरण की टीमे कार्रवाई के लिए पहुंचीं थीं। मगर संचालकों की तरफ से याचिका सुप्रीमकोर्ट में दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के लिए कहा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सात दिन की अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। लिहाजा कोर्ट के आदेश के बाद बीडीए की टीमों को फिलहाल वापस लौटना पड़ा।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता फरहत जहां की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि हम याचिका पर सुनवाई नहीं करना चाहते। मगर याचिकाकर्ता आर्टिकल 226 के तहत हाईकोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र हैं। कोर्ट ने ये भी कहा कि याचिकाकर्ता को इस बात की स्वतंत्रता प्रदान की जाती है कि हाईकोर्ट की संबंधित बेंच में त्वरित सुनवाई की अपील दायर करते समय इस बात का जिक्र कर सकते हैं कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पहले से ही शुरू हो चुकी है।
बरातघर संचालकों के वकीलों ने गुरुवार को बरेली विकास प्राधिकरण की टीमों को कोर्ट का ये आदेश दिखाया जिसके बाद टीमों को वापस लौटना पड़ा। हालांकि आदेश देखने से पहले गुरुवार सुबह ही बीडीए की टीमे मौके पर पहुंच गईं थीं। कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी। बरात घर में बने आवासीय हिस्से को तोड़ा जाना था।


