बेतुल
बैतूल स्वास्थ्य विभाग में ई-अटेंडेंस की बाध्यता खत्म करने की मांग
एएनएम संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपा ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन संविदा-नियमित कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य विभाग में सार्थक एप के जरिए ई-अटेंडेंस की बाध्यता समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने कहा कि जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए एएनएम कैडर पर ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता व्यवहारिक नहीं है। संघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती अर्चना पाटिल ने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन द्वारा सार्थक एप के माध्यम से सभी एएनएम से ई-अटेंडेंस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इससे जुड़ी कई समस्याएं सामने आ रही हैं। एएनएम दूर-दराज के ग्रामीण और पहुंचविहीन क्षेत्रों में रहकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और सेवाओं को आमजन तक पहुंचाती हैं। इन क्षेत्रों में नेटवर्क की गंभीर समस्या रहती है, जिससे समय पर ई-अटेंडेंस दर्ज करना कठिन हो जाता है। इसके बावजूद एएनएम आपातकालीन सेवाएं लगातार देती हैं।
– ऑनलाइन कार्य से बढ़ा कार्यभार
संघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती पाटिल ने कहा कि शासन के अधिकांश कार्य ऑनलाइन होने से मोबाइल में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित होता है। एएनएम पूरी निष्ठा से अपने दायित्व निभा रही हैं, लेकिन सभी एप के जरिए ऑनलाइन कार्य करने से काम का दबाव और समय दोनों बढ़ गया है। सार्थक एप में अतिरिक्त कार्य के लिए कोई अलग प्रावधान भी नहीं है। एएनएम की उपस्थिति और कार्य की निगरानी के लिए बीएमओ, बीपीएम, वीएसएम, बीईई, डीईओ, एमओ, सीएमएचओ सहित अन्य अधिकारी पहले से नियुक्त हैं, जो फील्ड में जाकर नियमित मॉनिटरिंग करते हैं। ऐसे में एएनएम के कार्यक्षेत्र में अनुपस्थित मिलने पर कार्रवाई का दायित्व भी विभागीय स्तर पर तय है।
– स्थायी कार्यालय नहीं, फील्ड में रहना मजबूरी
संघ ने बताया कि एएनएम की कोई स्थायी संस्था या कार्यालय नहीं होता। उन्हें अपने आवंटित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करना पड़ता है, जहां अक्सर नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इन सभी बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए एएनएम कैडर को सार्थक एप के माध्यम से ई-अटेंडेंस की बाध्यता से मुक्त किया जाए, ताकि वे बिना तकनीकी बाधा के स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें।



