जयपुर
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों की मनमानी ड्यूटी से विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था बाधित
राजस्थान शिक्षक संघ(आजाद) ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
जयपुर : राजस्थान शिक्षक संघ आजाद ने शिक्षा मंत्री राजस्थान को पत्र लिखकर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों की मनमानी ड्यूटी से विधालयों की बिगड़ती शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठाये है और सुझाव दिऐ है संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष घनश्याम सेन और प्रदेशाध्यक्ष अरविन्द जाखड़ ने बताया किराज्य में प्रस्तावित कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के प्रारम्भ होते ही एक गंभीर समस्या बार-बार सामने आती रही है कि अनेब विद्यालयों के शिक्षक एवं शारीरिक शिक्षक अपनी सुविधा अनुसार बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के नाम पर मुख्यालय से 50 किमी तक दूर तक के विद्यालयों में जाकर ड्यूटी लगाने लगते हैं। यह व्यवस्था अब एक नियमित सुविधा तंत्र का रूप ले चुकी है। इस मनमानी के कारण निम्न स्थितियाँ निर्मित हो रही हैं-
संबंधित विद्यालयों में विद्यार्थियों की पढ़ाई पूर्णतः बाधित हो जाती है।
शिक्षक अनुपलब्ध रहने से विद्यार्थी इधर-उधर भटकते रहते हैं, जिससे उनका शैक्षणिक नुकसान होता है।
अनेक विद्यालयों में इस अवधि में शिक्षकों की भारी कमी कायम रहती है।
बोर्ड परीक्षा ड्यूटी एक शैक्षिक दायित्व से अधिक सुविधा का साधन बन चुकी है।
राज्य की भावना एवं सरकार के शैक्षिक दायित्वों के अनुरूप यह अत्यंत गंभीर, अनुचित एवं अवांछनीय स्थिति है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षकों का दायित्व विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करना है, न कि बोर्ड परीक्षा ड्यूटी को अपनी सुविधा का आधार बनाना।
अतः निवेदन/आग्रह है कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान राज्य के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) एवं जिला परियोजना
समन्वयकों (DPC) को यह निर्देशित किया जाए कि-
कोई भी शिक्षक मात्र सुविधा हेतु मुख्यालय से दूर ड्यूटी हेतु कार्यमुक्त न किया जाए।
बोर्ड परीक्षा ड्यूटी हेतु निकटतम संस्थान में ही कार्य आवंटित किया जाए।
विद्यालयों की नियमित शिक्षण व्यवस्था बाधित न होने पाए इसकी विशेष निगरानी की जाए।
ऐसा करने से विद्यार्थियों की शैक्षणिक हानि रोकी जा सकेगी तथा विद्यालयों की व्यवस्थाएँ बोर्ड परीक्षा काल में भी सामान्य रूप से संचालित रह सकेंगी



