सिंगरौली
कलिंगा कमर्शियल कारपोरेशन ने पूर्व अधिकारी पर कसा शिकंजा..
फर्जी शिकायत, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट उल्लंघन के आरोपों में कानूनी कार्रवाई तेज...?

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । देश की प्रतिष्ठित कंपनी कलिंगा कमर्शियल कारपोरेशन ने अपने पूर्व अधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार कंपनी प्रबंधन का आरोप है कि पद से हटाए जाने के बाद प्रशांत श्रीवास्तव ने फर्जी शिकायतें, ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से कंपनी की छवि धूमिल करने का प्रयास किया।
कौन हैं प्रशांत श्रीवास्तव…..?
चौक चौराहों पर चर्चा है कि प्रशांत श्रीवास्तव (पिता – एच. यस. श्रीवास्तव), निवासी डुप्लेक्स-145, फेज-01, शीतल मेगा सिटी, मंडीदीप (मध्यप्रदेश), पूर्व में कलिंगा कमर्शियल कारपोरेशन की अमलोरी, झींगुर्दा और खड़िया परियोजनाओं में अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
कंपनी सूत्रों के अनुसार, उनके विरुद्ध अनियमितताएं
धोखाधड़ी कर्मचारियों की शिकायतें एनसीएल अधिकारियों से समन्वय में विफलता
जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे। इसके बाद जिला प्रशासन में शिकायत तथा मोरवा थाना में एफआईआर दर्ज होने पर उन्हें पद से हटा दिया गया। पद से हटने के बाद बढ़ा विवाद कंपनी का आरोप है कि सेवा समाप्ति के बाद प्रशांत श्रीवास्तव ने दोबारा कंपनी में वापसी के लिए अवैधानिक दबाव बनाना शुरू किया। इसके तहत कथित रूप से— फर्जी नामों से शिकायतें फर्जी ई-मेल आईडी का निर्माण,सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट,ब्लैकमेलिंग व धमकी भरे कॉल, गोपनीय दस्तावेजों का दुरुपयोग
जैसी गतिविधियां की गईं…? एनसीएल में चल रहे हैं तीन बड़े प्रोजेक्ट से उल्लेखनीय है कि कलिंगा कमर्शियल कारपोरेशन देश के विभिन्न राज्यों में कार्यरत है और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) में तीन प्रमुख ओवरबर्डन रिमूवल परियोजनाओं पर काम कर रही है।
प्रशांत श्रीवास्तव के खिलाफ दर्ज एफआईआर
कंपनी के अनुसार, प्रशांत श्रीवास्तव के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं—
एफआईआर क्रमांक 0384/2025
दिनांक: 26/06/2025 | थाना: मोरवा
एफआईआर क्रमांक 0582/2025
दिनांक: 09/10/2025 | थाना: नयापल्ली, ओडिशा
इसके अलावा 21 जनवरी 2026 को फर्जी शिकायत, ब्लैकमेलिंग, आईटी एक्ट उल्लंघन और फर्जी ई-मेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने को लेकर भी कार्रवाई की बात कही गई है। शिकायतों पर कंपनी का पक्ष..?
1. एवरेज वेटेड लिड को लेकर आरोप
कंपनी व एनसीएल से जुड़े जानकारों के अनुसार—
लिड की जांच त्रैमासिक रूप से एनसीएल मुख्यालय द्वारा होती है,रनिंग प्रोजेक्ट में लिड में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है,प्रोजेक्ट क्लोजर पर थर्ड पार्टी या CMPDI द्वारा जांच होती है,कॉन्ट्रैक्ट में ±10% तक की छूट का प्रावधान है,अनियमितता मिलने पर पेनल्टी की व्यवस्था है,कंपनी का कहना है कि रनिंग प्रोजेक्ट के दौरान लगाए गए आरोप निराधार हैं..?
2. हिंड्रेंस (अवरोध) में छूट का मामला
विशेषज्ञों के अनुसार—एनआईटी व कॉन्ट्रैक्ट शर्तों के तहत एनसीएल को हिंड्रेंस-फ्री एरिया देना होता है
लंबे प्रोजेक्ट्स में एचटी लाइन, भूमि विवाद जैसे अवरोध सामान्य हैं अवरोध की स्थिति में समय विस्तार (Time Extension) का प्रावधान है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी का कहना है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर ब्लैकमेलिंग का आधार बनाया गया।
सूत्रों कि माने तो कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “झूठे आरोप, दबाव की राजनीति और ब्लैकमेलिंग के जरिए दोबारा पद पाने की कोशिश किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। कंपनी अपनी प्रतिष्ठा से कोई समझौता नहीं करेगी।” कानूनी कार्रवाई तेज
कलिंगा कमर्शियल कारपोरेशन ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी साख और व्यावसायिक प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए प्रशांत श्रीवास्तव के विरुद्ध पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाएगी




